AI एक तरफ लोगों का काम आसान बनाने का काम कर रहा है, तो दूसरी तरफ एआई के खतरे भी सामने आ रहे हैं। एआई की वजह से लोगों की निजी जानकरियां हैकर्स के हाथ लग सकती है और भारी नुकसान हो सकता है। पिछले दिनों कई एक्सपर्ट्स ने यूजर्स से एआई चैटबॉट्स जैसे कि ChatGPT, Google Gemini, PerplexityAI आदि पर अपनी निजी जानकारियां शेयर करने से मना किया था। साइबर एक्सपर्ट्स ने एआई टूल्स के जरिए डेटा लीक और बड़े साइबर अटैक की चेतावनी दी है।
इन दिनों साइबर क्रिमिनल्स एआई का इस्तेमाल करके लोगों को टारगेट कर रहे हैं। एआई टूल्स से लोगों की निजी जानकारियां चुराकर उन्हें डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। जेनरेटिव एआई टूल्स पर कई लोग जाने-अनजाने में अपनी निजी जानकारियां जैसे कि जन्मतिथि, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पता आदि शेयर कर देते हैं। ये काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। जैसे-जैसे हम एआई को अपने डेली लाइफ में एंट्री दे रहे हैं, यह हमारे लिए नया खतरा पैदा कर रहा है। एआई एल्गोरिदम के लूप-होल्स का इस्तेमाल करते हुए हैकर्स लोगों की जानकारियां यहां से कलेक्ट करते हैं और साइबर अटैक कर सकते हैं।
कैसे लीक होती हैं निजी जानकारियां?
एआई टूल्स इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर यूजर्स जाने-अनजाने में अपनी निजी जानकारियां शेयर कर देते हैं। उदाहरण के तौर पर यूजर्स अपने किसी क्वेरी में अपनी जन्मतिथि मेंशन कर देते हैं। एआई टूल यूजर्स के जन्म-तिथि के आधार पर रिजल्ट देते हैं। वहीं, कुछ यूजर्स एआई टूल पर अपना पता भी शेयर कर देते हैं। कई बार पैरेंट्स अपने बच्चों का नाम, स्कूल का नाम, डेली रूटिन जैसी संवेदनशील जानकारियां एआई टूल्स को दे देते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
बरतें ये सावधानी
- एआई से सवाल पूछते हुए आपको निजी जानकारियां जैसे कि नाम, जन्मतिथि, कार्यस्थल आदि को यूज करने से बचना चाहिए।
- एआई टूल्स में क्वेरीज के डेटा को डिलीट करने वाले फीचर को ऑन करना चाहिए। ऐसा करने से आपके क्वेरीज में पूछे गए सवाल चैटबॉट के सर्वर में सेव नहीं होते हैं।
- HaveIBeenPwned जैसे टूल का यूज करें, जो आपको बताएगा कि निजी डेटा गलत यूज हुआ है या नहीं।
ये कुछ सावधानियां आपको एआई इस्तेमाल करते समय निजी डेटा को सुरक्षित करने का काम करेंगी।
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