वायु प्रदूषण से न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बल्कि आंखों में जलन, सूखापन और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आंखों का बचाव कैसे करें?
दिल्ली के मुंडका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 435, आनंद विहार में 455, द्वारका में 430, नरेला में 400, पंजाबी बाग में 421 और आईटीओ पर 410 दर्ज किया गया।
दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, इस समस्या ने एक बड़ी राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक 15 पन्नों का पत्र लिखा है।
ऑफिस जाने के समय ट्रैफिक बढ़ जाता है। इससे सड़कों पर जाम लगता है और जमकर वायु प्रदूषण होता है। इसी परेशानी से बचने के लिए सभी प्राइवेट कंपनियों से कर्मचारियों को घर से काम कराने के लिए कहा गया है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और अरावली पहाड़ी को लेकर सपा नेता अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दिल्ली वालों के लिए एक पत्र भी लिखा है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के दस्तक देने के बावजूद भी दिल्ली-NCR में हालात बेहतर नहीं होंगे। हवा की रफ्तार काफी कम है जिसके चलते प्रदूषण आने वाले कुछ दिनों में इसी तरीके से बढ़ता रहेगा।
बढ़ते वायु प्रदूषण और हाई AQI लेवल को लेकर केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में कहा कि एयर पॉल्यूशन से से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है।
दिल्ली सरकार के मंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना चाहिए।
दिल्ली में 2019–2023 की स्टडी से खुलासा हुआ कि पुरुषों के फेफड़ों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा प्रदूषण जमा हो रहा है। पैदल चलते समय खतरा सबसे अधिक है। स्टडी में PM2.5 और PM10 स्तर भारतीय और WHO मानकों से कई गुना ज्यादा पाए गए।
How To Protect Eyes From Air Pollution: बढ़ता AQI केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की सेहत से जुड़ा मुद्दा है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम प्रदूषण के इस दौर में भी अपनी आँखों को सुरक्षित रख सकते हैं।
यूपी सरकार ने लखनऊ में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का डेटा जारी किया है। विपक्ष की तरफ से वायु प्रदूषण को लेकर सवाल उठाने के बाद सरकार ने बताया कि लखनऊ का AQI 174 है।
दिल्ली में हवा की स्थिति बेहद खराब है। लंबे समय से दिल्ली का एक्यूआई काफी ज्यादा है। इस वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। अब संसद में इस परेशानी पर चर्चा हुई।
दिल्ली के अब सभी सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सरकार की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
How To Protect Yourself From Air Pollution: दिल्ली-नोएडा की दम घोंटने वाली हवा स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है। अगर हम आज कार्रवाई नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
Air Pollution in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के चलते लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को सांस लेने में दिक्क्त हो रही है।
दिल्ली की हवा ने सांसों को संकट में डाल दिया है और AQI के “गंभीर” कैटेगरी में पहुंचते ही सुप्रीम कोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर दी। शीर्ष अदालत ने वकीलों और पक्षकारों से हाइब्रिड मोड में सुनवाई में शामिल होने की अपील की है।
प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए नोएडा और गाजियाबाद के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। नया आदेश 14 दिसंबर से लागू हो गया है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते धुंध छाई हुई है। लोगों की आखों में और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच ग्रैप-4 भी लागू कर दिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रैप-4 लागू होने के बाद ऑफिस में वर्क फ्रॉम की सुविधा और भवनों के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली और आसपास के इलाके में आज वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। हवा में सांस लेना दूभर हो गया है। एयरपोर्ट ने एडवायजरी जारी की है।
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