जांच एजेंसी की फाइनल रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरोह ने 111 शेल कंपनियों के जरिए अवैध फंड्स के ट्रांजैक्शन को छिपाया और ‘म्यूल’ अकाउंट्स के जरिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
साइबर अपराध करने वाले ब्लैकमेलर हैं। ये इस बात का फायदा उठाते हैं कि लोगों में जागरूकता कम है। फ्रॉड करने वाले गैंग बहुत संगठित हैं। कुछ ही मिनटों में लूटा हुआ पैसा इधर से उधर हो जाता है।
दिल्ली-नोएडा से लेकर मथुरा सहित देश भर में साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश किया गया है। इसके लिए बाकायदा कई इलाकों में छापेमारी की गई।
डिजिटल अरेस्ट के जाल में इंदौर की महिला फंस गई। उसे डरा-धमकाकर साइबर ठगों ने 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने उसे 10 दिन तक उसी के घर में डिजिटली अरेस्ट करके रखा।
19 Minute 34 Second Viral Video: इंस्टाग्राम पर 19 मिनट 34 सेकंड का एक वीडियो काफी समय से चर्चा में है। अब इस पर एक अपडेट आया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला:
उत्तर प्रदेश के नोएडा में CBI का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। सीबीआई ने यहां अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन पर अमेरिकी नागरिकों से 8.5 मिलियन डॉलर की ठगी में शामिल होने का आरोप है।
2 और 3 दिसंबर को Google और Apple ने दुनिया भर के यूजर्स को खतरे की सूचनाएं भेजीं। एजेंसी ने ये भी कहा है कि यूजर्स सतर्क रहें और पुराने सॉफ्टवेयर्स का यूज ना करें।
पीड़ित ने 50 हजार रुपये से निवेश शुरू किया था। धीरे-धीरे करके उसने निवेश बनाया और नौ लाख रुपये वापस भी लिए। ऐसे में उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उसने करोड़ों रुपये गंवा दिए।
साइबर अपराधियों को एक नया हथियार मिल गया है। एक वेबसाइट ने उनका काम आसान बना दिया है। इस वेबसाइट पर आपका फोन नंबर दर्ज करते ही आपकी कई निजी जानकारियों का पता चल जाता है और यह आपकी लोकेशन तक को बता सकती है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं, तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं।
वॉट्सऐप के एंड-टू-एंड इन्क्रिप्शन के दावों पर शंका जाहिर की जाती रही है और ताजा डेमो के आधार पर एक बार फिर इस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन का इंस्पेक्शन करने के बाद हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि मैं एक प्राइवेट कार में आया था और नीचे खड़े एम्प्लॉई ने मुझे पहचाना नहीं। लेकिन उसने अच्छे से बात की, पूछा कि मैं वहां क्यों आया हूं। मैंने कहा कि मुझे डिजिटल अरेस्ट केस फाइल करना है।
सरकार सभी प्रमुख स्मार्टफोन ब्रांडों पर ऐप की प्रीलोडिंग के साथ, डुप्लिकेट या नकली IMEI नंबरों से दूरसंचार साइबर सुरक्षा के गंभीर खतरे से निपटने का लक्ष्य बना रही है।
भारत में कुल 120 करोड़ मोबाइल फोन कस्टमर्स हैं और जनवरी में लॉन्च हुए इस ऐप के जरिए करीब 7 लाख गुम मोबाइल फोन को अब तक रिकवर किया जा चुका है।
दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग ऐप के लिए नियम सख्त कर दिए हैं, नई गाइडलाइंस के तहत वॉट्सऐप और अन्य सभी मैसेजिंग ऐप केवल चालू सिम के साथ काम करेंगे।
साइबर ठगी के मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले की छानबीन करते हुए धोखेबाज के बैंक विवरण को खंगाला है, जहां से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
SIR के नाम पर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग लोगों से ओटीपी मांग रहे हैं और कुछ मैसेज भेजकर लोगों को चूना लगा रहे हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि पीड़ितों के पास से पासपोर्ट, मोबाइल फोन और सभी पहचान पत्र संबंधित देशों में पहुंचते ही जब्त कर लिए गए। इसके बाद उन्हें म्यांमार की मोई नदी सहित अवैध रास्तों से सीमा पार ले जाया गया।
फर्जी लिंक तुरंत पहचान में आने की ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे मोबाइल नेटवर्क तुरंत यह पहचान कर पाएंगे कि मैसेज में डाला गया लिंक असली है या नकली
Cyber Fraud: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की फोटो का इस्तेमाल करके मुंबई में एक रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.47 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जानें फेक शेयर ट्रेडिंग स्कैम के जरिए कैसे धोखाधड़ी की गई।
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