इक्विटी के अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में से भी नवंबर के दौरान 141 करोड़ रुपये की निकासी की गई।
पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये निवेश अक्टूबर में बढ़कर 78,686 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अगस्त, 2019 के बाद पी-नोट्स के जरिये निवेश का यह सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त 2019 में विदेशी निवेशको के जरिए पी-नोट्स से निवेश का आंकड़ा 79,088 करोड़ रुपये रहा था।
अमेरिकी चुनाव पर चिंता और घरेलू अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच निवेशक लगातार निवेश को भुनाये जा रहे थे। सितंबर तिमाही के दौरान इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों से निवेशकों ने 7,200 करोड़ से अधिक भुनाये।
एफपीआई ने एक से 25 सितंबर के दौरान शेयरों से शुद्ध रूप से 4,016 करोड़ रुपये निकाले। इस दौरान उन्होंने बांड मार्केट में 3,540 करोड़ रुपये का निवेश किया है। । एफपीआई ने जून से अगस्त के बीत लगातार तीन महीने बाजार से निवेश किया है।
आधुनिक प्रौद्योगिकी की वजह से आज मोबाइल एप का इस्तेमाल काफी आसान हो गया है।
कंपनी अभी भी बाजार में 28,000 करोड़ रुपये के साथ शुद्ध निवेशक बनी हुई है। वहीं कंपनी को इस साल अगस्त तक बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण प्रीमियम से 87,300 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
इस साल अप्रैल से अब तक एफपीआई ने इक्विटी में 80,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसमें आधे से ज्यादा निवेश अकेले अगस्त में हुआ है।
अनुजा जोशी ने महिला समानता दिवस पर बहन अनीशा के साथ तस्वीरें शेयर करके मैसेज दिया है।
जून के महीने में निवेश 4 साल के निचले स्तर पर पहुंचा
मार्च के महीने में ही 30,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ
जानकारों के मुताबिक MF बाजार में निवेश के लिए अच्छे मौके के इंतजार में
यह लगातार छठा साल रहा जब इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में शुद्ध निवेश हुआ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 में राहत के और उपाय करने के संकेत देने से भी निवेशकों की धारणा को बल मिला।
मुख्य रूप से धातु और बैंक शेयरों में नुकसान की वजह से बाजार में गिरावट रही। अमेरिका ने यूरोपीय सामान पर नया शुल्क लगाने की घोषणा की है।
इससे पहले एफपीआई ने मई में 9,031.15 करोड़ रुपए, अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपए, मार्च में 45,981 करोड़ रुपए और फरवरी में 11,182 करोड़ रुपए का निवेश किया था।
म्यूचुअल फंड उद्योग ने शेयर बाजारों में अस्थिरता रहने के बावजूद सितंबर माह में शेयर बाजार में 11,600 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया,
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से निवेशकों का लगातार मोहभंग होता जा रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में गोल्ड ईटीएफ से 150 करोड़ रुपए की निकासी की गई। निवेशकों के लिए शेयर बाजार पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।
चीन का इक्विटी मार्केट के पास अब केवल एक बुरा दिन और बचा है और यह दुनिया का नंबर दो स्टॉक मार्केट का तमगा खो देगा। पिछले चार सालों से चीन का स्टॉक मार्केट दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शेयर बाजार बना हुआ है।
साल 2018 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय इक्विटी बाजार में केवल 1.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
म्यूचुअल फंडों के प्रति निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। यह बात इस आंकड़े से साबित हो जाती है कि अप्रैल-मई के दौरान निवेशकों ने म्यूचुअल फंडों में 24,479 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
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