भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि वो दो अलग-अलग चरणों में 1 लाख करोड़ रुपये मूल्य की भारत सरकार की सिक्यॉरिटीज की खुले बाजार परिचालन (OMO) खरीद करेगा। पहले चरण के तहत 50,000 करोड़ रुपये की पहली नीलामी 12 मार्च को निर्धारित की गई है।
सितंबर 2024 के आखिर में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
अमेरिकाी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पॉलिसी के कारण डॉलर मजबूत हो रहा है। इसका असर भारत समेत दुनियाभर के करेंसी पर हो रहा है। रुपये में हाल के दिनों में बड़ी गिरावट आई है।
India's foreign exchange reserves : भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा हुआ है। पिछले साल सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.88 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था।
सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, छह दिसंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.23 अरब डॉलर घटकर 565.62 अरब डॉलर रही।
रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 नवंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.04 अरब डॉलर घटकर 566.79 अरब डॉलर रही।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 15 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 15.55 अरब डॉलर घटकर 569.83 अरब डॉलर हो गई।
India foreign exchange reserves : सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा था, जो पिछले कई हफ्ते से घट रहा है। इसके बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पाकिस्तान की तुलना में 42 गुना ज्यादा बड़ा है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। 27 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.59 अरब डॉलर की बंपर बढ़त के साथ 704.88 अरब डॉलर के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था।
18 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.16 अरब डॉलर घटकर 688.27 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.75 अरब डॉलर घटकर 690.43 अरब डॉलर रहा था।
डॉलर के संदर्भ में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों की मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है।
भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार, 11 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, 4 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.51 अरब डॉलर घटकर 612.64 अरब डॉलर रह गईं।
20 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.84 अरब डॉलर बढ़कर 692.29 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 13 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में 22.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 689.46 अरब डॉलर के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।
देश के स्वर्ण भंडार में 726 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। इससे यह 63.613 अरब डॉलर का हो गया। जबकि 13 सितंबर के आंकड़े में यह 62.887 अरब डॉलर का था। सोना भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार हर हफ्ते नए रिकॉर्ड बना रहा है। 6 सितंबर से पहले 30 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.29 अरब डॉलर के उछाल के साथ 683.99 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की वजह विदेशी निवेशकों द्वारा भारत में लगातार किया जा रहा निवेश भी है। विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) की ओर से पिछले हफ्ते 16,800 करोड़ रुपये की खरीदारी की गई।
इससे पिछले हफ्ते (30 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में) विदेशी मुद्रा भंडार 2.29 अरब डॉलर के उछाल के साथ 683.99 अरब डॉलर पर पहुंच गया था, जो उस हफ्ते तक का ऑल टाइम हाई था।
इससे पिछले हफ्ते यानी 23 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 7.023 अरब डॉलर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद ये बढ़कर 681.688 अरब डॉलर हो गया था।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 8 अगस्त को घोषणा की थी कि 2 अगस्त तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 675 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर को छू गया है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.8 अरब डॉलर घटकर 670.119 अरब डॉलर रह गया है। वहीं, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 119 मिलियन डॉलर बढ़कर 9.27 अरब डॉलर हो गया।
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