अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं और कभी यह सोचकर निश्चिंत रहते हैं कि अगले स्टेशन तक तो टीटीई इंतजार कर ही लेगा, तो अब सावधान हो जाइए। भारतीय रेलवे ट्रेन में बोर्डिंग को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जो सीधे यात्रियों की सीट और बर्थ पर असर डालेगा।
आप अगर अकसर या फिर रोज ट्रेन से सफर करते हैं तो फिर आपके लिए यहां पर बहुत जरूरी जानकारी हम लेकर आए हैं। बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें यह नहीं पता है कि ट्रेन का जनरल टिकट लेने पर उन्हें इंश्योरेंस मिलता है या फिर नहीं मिलता है। आइए आपको हम बताते हैं।
आज हम आपको एक ऐसा रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं जो अकेले ही दो अलग-अलग राज्यों में बंटा हुआ है। आपने भी शायद ही पहले कभी इसका नाम सुना होगा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज पेश हुए बजट में रेलवे से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। बजट पेश होने के बाद अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताया है।
भारतीय रेलवे ने देश की इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास में अपनी अहम भूमिका फिर से साबित कर दी है। मार्च 2025 तक देश का रेल नेटवर्क 69,439 किलोमीटर तक फैल चुका है और अक्टूबर 2025 तक इसकी 99.1 प्रतिशत लाइनें इलेक्ट्रिफाइड हो चुकी हैं।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और परिचालन कारणों के चलते कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया है। इस बदलाव की जद में तेजस एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस समेत कुल 12 ट्रेनें आई हैं। नई टाइमिंग अलग-अलग तारीखों से लागू होगी।
पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों के स्थानीय व्यंजनों में मछली और मांस सहित मांसाहारी व्यंजनों की प्रमुख भूमिका है।
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ की गारंटी दी जाती है। इसी वजह से टिकट कैंसिल होने पर रेलवे को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कैंसिलेशन चार्ज ज्यादा रखा गया है।
केरल के रेल नक्शे पर आज विकास की एक नई लकीर खिंच गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को ऐसा तोहफा दिया है, जो न सिर्फ सफर को आसान बनाएगा बल्कि तीन राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को भी नई रफ्तार देगा। पीएम ने 3 अमृत भारत ट्रेनों समेत कुल 4 नई ट्रेनों का शुभारंभ किया।
क्या आप यह बात जानते हैं कि जब रेलवे की शुरुआत हुई थी तब उसमें टॉयलेट नहीं हुआ करता था। जब शुरुआत में टॉयलेट नहीं था तो फिर कब और किस वजह से टॉयलेट लगाया गया। आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
आम यात्रियों के लिए यानी कॉमर्शियल तौर पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की 22 जनवरी से शुरुआत हो गई। कामाख्या से यह ट्रेन शाम 18 बजकर 15 मिनट पर हावड़ा के लिए निकल गई। यह ट्रेन 23 जनवरी को सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर पहुंच जाएगी।
आप क्या ऐसे किसी स्टेशन का नाम बता पाएंगे जो हमारे देश में है मगर आपको वहां से कहीं भी जाने के लिए कोई भी ट्रेन नहीं मिलेगी। शायद आपने इस विषय के बारे में पहले पढ़ा भी नहीं होगा मगर आज आपको इसके बारे में पता चल जाएगा।
क्या आपने कभी कोई ऐसा रेलवे स्टेशन देखा है जहां प्लेटफॉर्म नंबर एक ही न हो ? उम्मीद है कि नहीं ही सुना होगा मगर आज ऐसे एक रेलवे स्टेशन का नाम आपको पता चलेगा।
16 डिब्बों वाली इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 सीटें हैं। इसमें फर्स्ट एसी का 1, सेकेंड एसी के 4 और थर्ड एसी के 11 डिब्बे हैं।
Mumbai Local Train Cancelled List: 21 जनवरी को मुंबई के जिन स्टेशनों से ये लोकल ट्रेनें कैंसिल की गई हैं, उनमें बोरीवली, विरार, गोरेगांव, मलाड, अंधेरी, भयंदर, बांद्रा जैसे नाम शामिल हैं।
भारतीय रेल ने 16 जनवरी से ट्रेन के टिकट के कैंसिलेशन को लेकर नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। अगर आपने भी टिकट करा रखा है तो आपको कैंसिलेशन से जुड़ा ये अपडेट जरूर समझ लेना चाहिए।
कामाख्या से हावड़ा के बीच कुल 966 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, ताकि आपका सफर एक शानदार सफर बन सके।
भारतीय रेल के विशाल नेटवर्क में कुछ ट्रेन काफी खास हैं। इनमें राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत आदि की चर्चा होती है। लेकिन कुछ ट्रेनें अपनी अलग पहचान के लिए जानी जाती हैं। एक ऐसी ही ट्रेन है जो भारत में सबसे लंबी दूरी तय करती है।
रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपनाने की दिशा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में, भारतीय रेल की अम्ब्रेला वर्क 2024–25 के अंतर्गत पश्चिम रेलवे पर KAVACH के एग्जीक्यूशन के लिए दो महत्वपूर्ण काम प्रस्तावित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। इन ट्रेनों के शुरू होने से न सिर्फ असम, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा तक रेल कनेक्टिविटी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। जानिएं कहां-कहां रुकेगी ट्रेन
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