सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में 10,000 रुपये की बंपर तेजी देखी गई, जिसके बाद इसका भाव 3,02,600 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोना जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई है।
अगर आप सोना-चांदी खरीदने या उसमें निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। बीते एक हफ्ते में चांदी ने ऐसा रफ्तार पकड़ी है कि निवेशकों से लेकर आम खरीदार तक हैरान हैं। वहीं सोना भी लगातार मजबूती दिखा रहा है और अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच चुका है।
जानकारों के मुताबिक, भारत में चांदी का महत्व और भी बढ़ गया है। रिटेल निवेशकों और उच्च नेटवर्थ परिवारों की बढ़ती रुचि चांदी को सोने के साथ एक पोर्टफोलियो डाइवर्सिफायर के रूप में स्थापित कर रही है।
भोपाल रेलवे की तरफ से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को चांदी के सिक्के बांटे जाते हैं। इन सिक्कों पर सोने की परत चढ़ाई जाती है। हालांकि, जांच में पता चला है कि 2023 से 2025 के बीच बांटे गए सिक्के चांदी नहीं तांबे के हैं।
मंगलवार को चांदी का भाव 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। पिछले 4 दिनों में ही चांदी 17.45 प्रतिशत यानी 42,500 रुपये महंगी हो चुकी है।
देश की जानी-मानी गोल्ड और सिल्वर रिफाइनरी MMTC-PAMP की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी अमेरिकी देश पेरू के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिल्वर रिजर्व है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 4,630 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गईं, जिससे एक नया रिकॉर्ड है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक तनाव आर वैश्विक उथल-पुथल से सोने और चांदी दोनों की कीमत को सपोर्ट मिलने की संभावना है।
चांदी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की। भू-राजनीतिक चिंताओं और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच सोमवार को सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था।
फेडरल रिज़र्व को लेकर बनी अनिश्चितता और ईरान में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेफ-हेवन डिमांड में इज़ाफ़ा हुआ, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला। आने वाले समय में भी बहुमू्ल्य धातु की कीमत में उछाल देखने को मिल सकता है।
सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई और यह 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, और सोना भी बढ़कर 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो ग्लोबल बाजारों में मजबूत बढ़त को दिखाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंकाओं के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से इन धातुओं को सपोर्ट जारी है।
31 दिसंबर, 2025 को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2000 रुपये की गिरावट के साथ 2,39,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
वायदा बाजार में सोने के भाव में हाल के दिनों में लगातार तेजी का रुझान देखा गया है। चांदी तो और भी तेजी से लगातार नए रिकॉर्ड बनाती देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि इस साल भी दोनों धातुओं में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।
झारखंड में भी बिहार की तरह बिना चेहरा दिखाए सोना-चांदी नहीं मिलेगा। इस संबंध में जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। सुरक्षा कारणों से हिजाब, बुर्का और घूंघट पर बैन लगाया जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि डॉलर में कमजोरी और US ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण स्पॉट गोल्ड में पॉजिटिव रुझान के साथ ट्रेड होने और $4500 के लेवल तक बढ़ने की संभावना है।
मंगलवार को चांदी की कीमत 7000 रुपये की बंपर तेजी के साथ 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी और सोमवार को इसका भाव 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सोने और चांदी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण सोने की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
ग्लोबल मार्केट में भी सोना लगभग $4,480 प्रति औंस पर आ गया, जिससे पिछले दो दिनों की तेजी रुक गई। निवेशक जियोपॉलिटिकल जोखिमों को नज़रअंदाज करते हुए अमेरिकी आर्थिक डेटा, खासकर दिसंबर जॉब्स रिपोर्ट पर ध्यान दे रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज हाजिर सोना 11.45 डॉलर या 0.26 प्रतिशत बढ़कर 4460.49 डॉलर प्रति औंस हो गया।
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