दुनिया में हर साल हेपेटाइटिस के 20 लाख नए मामले सामने आते हैं और 13 लाख से ज़्यादा लोग इस बीमारी से जान गंवाते हैं. लगभग हर 30 मिनट में 1 शख्स की मौत हेपेटाइटिस से होती है. आज हेपेटाइटिस डे है यानि वो दिन जो हेपेटाइटिस को लेकर अवेयरनेस फैलाने के लिए डेडिकेट किया गया है.
बारिश के मौसम में, नमी और ठंडक की वजह से फेफड़ों में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ की समस्याएं बढ़ी है. निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. निशाने पर सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चे हैं. दिक्कत ये हो रही है कि निमोनिया की वजह से हाइपोक्सिमिया ट्रिगर हो रहा है.
सिगरेट के डिब्बे पर वॉर्निंग होती है.उसी तरह समोसा-जलेबी खाने वालों को भी एक बोर्ड पर चेतावनी देकर बताया जाएगा कि ये तला-भुना खाना सेहत पर कितना भारी पड़ेगा...वैसे भी पीएम मोदी देशवासियों को पहले ही खाने में 10% तेल कम करने की हिदायत दे चुके हैं..
हमारे देश के 10 करोड़ से ज़्यादा लोग कर रहे हैं... जिनको लगता है कि उनका वज़न ज़्यादा नहीं है...तो वो ओबेसिटी की गिरफ्त में नहीं है जबकि देश में 43% लोग ऐसे हैं जो वेट के हिसाब से तो मोटे नहीं है..जो दिखने में skinny हैं.लेकिन उनमें वही लक्षण पाए गए हैं..जो मोटे लोगों में होते हैं..
जब आसमान से पानी जरूरत से ज्यादा बरसे..तो सिर्फ सड़कों पर नहीं, शरीर के अंदर भी तबाही मचती है....ये तस्वीरें देख रहे है ना आप ?...हर तरफ जमा ये गंदा पानी, कब आपकी किडनी को बीमार बना देगा..पता भी नहीं चलेगा... सावधान हो जाइए...बैक्टीरियल इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
हैलक्स वैल्गस', बड़ा अजीब नाम है. वैसे इसे बनियन-बूनियन हिंदी में गोखरू भी कहते हैं. ये एक तरह का फुट डिफॉर्मिटी है, जिसमें पैर का बड़ा अंगूठा बाकि उंगलियों की ओर झुकने लगता है.
कहते हैं शौक बड़ी चीज़ है, लेकिन कई बार ये शौक सेहत पर भारी पड़ जाता है जैसे सेल्फी लेने का शौक, हाल ये है कि पूरी दुनिया में इस पर स्टडी शुरू हो गई है.
राहत देने वाली बरसात जब कहर बन जाए, तो जीना मुश्किल हो जाता है...देखिए--किस कदर, पहाड़ से लेकर मैदान तक,हर तरफ तबाही मची हुई है...बादल फटने-भारी बारिश होने से कहीं पहाड़ दरक गए..तो कहीं पानी के साथ पत्थर बरस रहे हैं...सैलाब,घर-गाड़ी के साथ कई जिंदगी बहा ले गया..
लोग उम्र बढ़ने के साथ बूढ़ा नहीं दिखना चाहते...और उसके लिए तमाम जतन करते हैं...सर्जरी कराते हैं..ट्रांसप्लांट कराते हैं..लेकिन जो काम सबसे ज़रूरी है एक्सरसाइज़
सुर-ताल का इंसान की जिंदगी से बड़ा गहरा रिश्ता है... गीत-संगीत से चारों तरफ खुशी-प्यार-अपनेपन का एक अलग माहौल बनता है...आप भी अगर तनाव से दूर,खुशहाल रहना चाहते हैं, तो मेरी तरह गुनगुनाना सीख लीजिए...और फिर कमाल देखिए...
बिगड़ा हुआ लाइफ स्टाइल और खराब खानपान मामला गड़बड़ कर रहा है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पैंक्रियाज से जुड़ी परेशानी तेजी से बढ़ रही है. बाइल में स्टोन होने की वजह से अग्नाशय में सूजन बड़ी आम समस्या बनती जा रही है और ये सब हो रहा है पैंक्रियाज की कार्यक्षमता घटने से.
भारत में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है. आने वाले वक्त में लाइफ स्टाइल की कई बीमारियां इसकी वजह से महामारी का रुप ले सकती है और इस बात को प्रधानमंत्री मोदी बखूबी समझ रहे हैं, क्योंकि जो आंकड़े उनके सामने भी आ रहे होंगे वो चिंताजनक हैं.
हाई-शुगर से अल्ज़ाइमर की बीमारी..डायबिटीज़ कैसे चुरा रही मेमॉरी? Diabets गर्मी कहर बरसा रही है..पारा 45-48 पहुंच रहा है..ऐसे में डायबिटीज़ के मरीज़ों की मुश्किल बढ़ रही है..आज उनकी यही मुश्किल आसान करानी है..लेकिन उससे पहले गर्मी से होने वाली कॉमन परेशानियों पर बात करना जरूरी है..
मई के महीने में बारिश ने जो नज़र-ए-इनायत की थी...उससे दिल्ली-NCR के लोगों को गर्मी की तपिश का एहसास नहीं हुआ...जून की शुरुआत में भी लगा कि मॉनसून जल्दी आ जाएगा..तो ये महीना भी सुकून से गुज़र जाएगा..चढ़ते पारे ने सबकी गफलत दूर कर दी है..
सोने के दो घंटे पहले ऑफिस के काम..या स्ट्रेस देने वाली कोई भी एक्टिविटी बंद कर देनी चाहिए...क्योंकि इससे कार्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है..और नींद में दिक्कत आती है
एक वक्त था जब बच्चों को सुलाने के लिए मां-दादी-नानी कहानी सुनाती थी..और वो कहानियां बच्चों को बहुत कुछ सिखाती थी..भूख प्यास भुला देती थी...यही बच्चों के लिए ज़िंदगी भर की ना भूलने वाली खूबसूरत याद होती थी लेकिन अब ये ज़िम्मेदारी सोशल मीडिया निभा रहा है..
'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन', गीता में कहा गया है--कर्म करो. लेकिन लोग जीवन के इस मूल मंत्र को भूल गए हैं. नतीजा जीवन भर तमाम परेशानियों का सामना करते रहते हैं. बात
वक्त से पहले गर्मी..वक्त से पहले बरसात..बिगड़ा हुआ है मौसम का मिज़ाज़.. क्लाइमेट चेंज का असर बड़ी तेजी से हम सबकी जिंदगी पर भी हुआ है..बिगड़े मौसम की वजह से लोग बोरियत महसूस कर रहे हैं.
आजकल लोगों को क्या चाहिए...AC की ठंडी हवा में बैठकर काम करने वाली अच्छी सी नौकरी..टेबल पर ही मिल जाए चाय कॉफी..हफ्ते में 2 छुट्टी और सबसे जरूरी, हर महीने अकाउंट में क्रेडिट हो जाए 6 फिगर वाली सैलरी ऐशो आराम के साथ काम का ये लाइफस्टाइल सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है..
हर पल बदलता मौसम..धूप-बारिश...कैसे बढ़ा रही लिवर की सेहत पर रिस्क
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