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पंचांग के हिसाब से तैनात होंगे पुलिसकर्मी...UP के डीजीपी का अजीबोगरीब बयान-देखें वीडियो

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Aug 22, 2023 07:10 am IST,  Updated : Aug 22, 2023 07:10 am IST

उत्तर प्रदेश के डीजीपी विजय कुमार ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यूपी में पुलिसकर्मियों की तैनाती अब हिंदू पंचांग के हिसाब से होगी। इसके पीछे का पूरा गणित उन्होंने समझाया है, देखें वीडियो-

UP DGP Unique statement- India TV Hindi
उत्तर प्रदेश के डीजीपी का अजब-गजब बयान Image Source : TWITTER

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के डीजीपी विजय कुमार ने अजीबोगरीब बयान दिया है, जिसमें डीजीपी ने कहा है कि यूपी में अब पुलिसकर्मियों की तैनाती हिंदू पंचांग के हिसाब से होगी। डीजीपी विजय कुमार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उस अवधि का पता लगाने के लिए हिंदू कैलेंडर या 'पंचांग' का उपयोग करें, जिसके दौरान अपराध बढ़ने की संभावना है और उसके अनुसार ही अपनी सतर्कता बढ़ाएं। ऐसा उन्होंने किस वजह से कहा है, इसके पीछे का पूरा गणित उन्होंने वीडियो के जरिए समझाया है। 

डीजीपी ने समझाया गणित

डीजीपी ने बताया कि अमावस्या 16 अगस्त, 14 सितंबर और 14 अक्टूबर को होने वाली है और अधिकारियों को इसके एक सप्ताह पहले और बाद में सतर्क रहना चाहिए। अमावस्या की तारीख से एक सप्ताह पहले और एक सप्ताह बाद, अपराध मानचित्रण किया जाना चाहिए क्योंकि इस दौरान अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने इसके लिए सर्कुलर जारी करते हुए कहा गया है कि इस दौरान रात्रि गश्त अधिक प्रभावी ढंग से की जानी चाहिए। सर्कुलर में डीजीपी ने अधिकारियों से आपराधिक हॉटस्पॉट की पहचान करने और अपराध की किसी भी घटना को मैप करने के लिए भी कहा।

देखें वीडियो-

अपराध पर अंकुश लगाने के लिए 'पंचांग' का इस्तेमाल होगा

यूपी पुलिस ने जो 14 अगस्त को सर्कुलर जारी किया है, उसमें डीजीपी विजय कुमार ने कहा कि रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला है कि 'अमावस्या' से एक सप्ताह पहले और एक सप्ताह बाद की रात में अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर पर राज्य के सभी जिलों में हुई घटनाओं का विश्लेषण करने पर पाया गया कि हिंदू कैलेंडर की अमावस्या की तारीख से एक सप्ताह पहले और एक सप्ताह बाद की रात में अधिक घटनाएं होती हैं।” सर्कुलर में कहा गया है कि यह विश्लेषण हर महीने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्तर पर किया जाना चाहिए और इसे लेकर अलर्ट रहना चाहिए।

 

 

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