वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी की एक कोर्ट ने एक गर्भवती महिला पर हमला करने और भूत-प्रेत की आशंका में उसके अजन्मे बच्चे की मौत के आरोप में 4 लोगों के खिलाफ पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। एक अधिवक्ता विकास सिंह ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अश्विनी कुमार की अदालत ने सोमवार को भेलूपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक (SHO) को पीड़ित पूनम कुमारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया।
‘मुझे, सास को ‘भूतही’ कहते हुए गालियां दीं’
वाराणसी के भेलूपुर में रानीपुर की निवासी पूनम कुमारी की याचिका उनके वकील विकास सिंह के माध्यम से BNS की धारा 175(3) के तहत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के मुताबिक, यह घटना 2 सितंबर 2024 की रात करीब 10:30 बजे हुई, जब पूनम ने अपने घर के बाहर गाली-गलौज और तोड़फोड़ की आवाजें सुनीं। पूनम ने बाहर निकलकर देखा तो आरोपी गौतम बिंद, उसके भाई सरोज बिंद, हरि बिंद और राजा बिंद उनके पति के ई-रिक्शा के शीशे को तोड़ रहे थे। जब पूनम ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें और उनकी सास को ‘भूतही’ कहते हुए गालियां दीं और आरोप लगाया कि वे उनके परिवार पर भूत-प्रेत या जादू-टोना कर रही हैं।
‘हमले में लगी चोट की वजह से हुआ गर्भपात’
पूनम के मुताबिक, इसी दौरान गौतम बिंद छत पर चढ़ गया और वहां से ईंट उठाकर पूनम के पेट पर मारी। इस हमले से पूनम बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं और गंभीर चोट के कारण उनका गर्भपात हो गया। घटना के बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटे, लेकिन हमलावर धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। पूनम को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर पूनम ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। विकास सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भेलूपुर थाना प्रभारी को गौतम बिंद, सरोज बिंद, हरि बिंद और राजा बिंद के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर जरूरी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।


