देवास: उज्जैन ओर देवास के बीच एक दंपति ने अपने घर का सामान हाइवे पर रखकर जाम रोड जाम कर दिया। इससे सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। बताया जा रहा है कि दंपति देवास के अमलतास अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा था और इसी परिसर में रह रहा था। बीती रात अस्पताल प्रबंधन ने निकाल दिया था। जिसके चलते दंपत्ति ने अपने बच्चों के साथ रोड को जाम कर दिया।
घर का सामान लेकर धरने पर बैठा परिवार
खातेगांव निवासी रामदयाल प्रजापत, पत्नी द्वारिका और बच्चों के साथ करीब दो साल से देवास स्थित अमलतास अस्पतास परिसर में रह रहा था। किडनी खराब होने पर यही उसका ईलाज चल रहा था। द्वारिका का अस्पताल के किसी कर्मचारी से विवाद होने पर अस्पताल प्रशासन ने बुधवार रात उसका सामान फेंककर निकाल दिया। जिसके बाद गुरुवार सुबह रामदयाल पत्नी बच्चो के साथ अस्पताल से उज्जैन जिले की और सिंगावदा गांव पर उज्जैन देवास रोड पर अपने घर का सामान रखकर बैठ गया। इससे वहां जाम लग गया। उज्जैन देवास रोड जाम होने के कारण दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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पुलिस ने जाम खुलवाया
रामदयाल ने बताया कि पत्नी के साथ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। हमारा सामान फेंक दिया। उन लोगों पर कार्यवाई होनी चाहिए यही हमारी है। रामदयाल ने यह भी आरोप लगाया कि निकालने की प्रक्रिया के दौरान हॉस्पिटल स्टाफ ने उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पहले ही स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन हॉस्पिटल मैनेजमेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आरोपों की जानकारी है और वे दोनों पक्षों से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।
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पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ट्रैफिक पुलिस ने परिवार को सड़क खाली करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वरिष्ठ जिला अधिकारियों के दखल देने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे, परिवार की शिकायतें सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद, कपल ने अपना सामान सड़क से हटा लिया और नाकाबंदी खत्म कर दी, जिससे ट्रैफिक फिर से शुरू हो गया।
रिपोर्ट- अरविंद चौकसे