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ब्रिटेन की अदालत के आदेश पर पाकिस्तान के उच्चायोग को भरना होगा 2.87 करोड़ डॉलर का जुर्माना

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 01, 2021 08:06 pm IST,  Updated : Jan 01, 2021 08:06 pm IST

पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) को ब्रॉडशीट एलएलसी मामले में जुर्माना राशि जमा करने में देरी के कारण दंडित किया गया है।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों देश की बदहाल अर्थव्यस्था सुधारने की कोशिशों में जुटे हैं, ऐसे में करोड़ों रुपये का जुर्माना एक बड़ा झटका माना जा रहा है। Image Source : AP FILE

लंदन: पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) को ब्रॉडशीट एलएलसी मामले में जुर्माना राशि जमा करने में देरी के कारण दंडित किया गया है। NAB अक्सर विवादों में रहती है और उस पर कई गंभीर आरोप भी लगते रहे हैं। मानवाधिकार से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के आरोपों का सामना करनी वाली NAB की 2.1 करोड़ डॉलर की जुर्माना राशि में देरी करने को लेकर मुश्किलें अब और भी बढ़ गई हैं। लंदन में एक हाईकोर्ट ने विदेशी संपत्ति रिकवरी कंपनी ब्रॉडशीट एलएलसी को NAB द्वारा जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के खातों से कम से कम 2.87 करोड़ डॉलर (लगभग 462 करोड़ पाकस्तानी रुपये) निकालने का आदेश दिया है।

30 दिसंबर तक डेबिट किया जाना था पैसा

अदालत के आदेश के अनुसार, राशि को ब्रिटेन में पाकिस्तान उच्चायोग के खातों से 30 दिसंबर तक डेबिट किया जाना था। इसकी पुष्टि पाकिस्तान विदेश कार्यालय के सूत्रों द्वारा भी की गई है, जिन्होंने कहा कि लंदन ने पाकिस्तान उच्चायोग के खातों से लाखों डॉलर के डेबिट का आदेश दिया है। अदालत के आदेश का हवाला देते हुए, यूनाइटेड बैंक लिमिटेड यूके ने भी 29 दिसंबर को पाकिस्तान उच्चायोग को एक पत्र लिखा था, जिसमें दो करोड़ 87 लाख 6,533.35 डॉलर के सुचारू लेन-देन को सुनिश्चित करने के लिए डेबिट खाते के विवरण के साथ लिखित भुगतान निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया गया था।

पाकिस्तानी उच्चायोग ने कहा- गलत असर पड़ेगा
बैंक ने पाकिस्तान उच्चायोग को यह भी सूचित किया था कि 30 दिसंबर तक लिखित भुगतान निर्देश प्राप्त नहीं होने पर भी बैंक अदालत के आदेशों को पूरा करने के लिए उच्चायोग के खाते से राशि डेबिट करने का काम करेगा। दूसरी ओर, उच्चायोग ने यह कहते हुए बैंक को जवाब दिया कि भुगतान के लिए उनके खातों से राशि निकालने के किसी भी तरह के एकतरफा प्रयास अंतराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा। इसने कहा कि इसके साथ ही यह विश्वास का भी उल्लंघन होगा, जो बैंक के साथ भविष्य के संबंधों को प्रभावित करेगा। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मामले और मुद्दे की संवेदनशीलता के प्रति NAB की अनदेखी के कारण पाकिस्तान को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ है। (IANS)

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