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"अगर बिजली गई तो हम बच्चों को किसी भी वक्त खो सकते हैं" इजराइल-हमास जंग के बीच गाजा हॉस्पिटल ने दुनिया से मांगी मदद

 Published : Oct 24, 2023 06:36 am IST,  Updated : Oct 24, 2023 07:53 am IST

जंग के बीच गाजा हॉस्पिटल ने अपनी बात पूरी दुनिया के सामने रखी है। गाजा हॉस्पिटल ने कहा कि अगर बिजली गई तो हम किसी भी वक्त एडमिट किए गए बच्चों को खो सकते हैं।

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इजरायल हमास युद्ध का दर्दनाक मंजर Image Source : AP IMAGE

इजराइल और हमास के बीच जंग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में गाजा पट्टी पर रह रहे लोगों पर संकट लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच गाजा हॉस्पिटल ने अपनी समस्या पूरी दुनिया के सामने रखी है। गाजा हॉस्पिटल ने जानकारी दी कि अगर हॉस्पिटल की बिजली जाती है तो उनके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। गाजा हॉस्पिटल की ओर से कहा गया कि फिलीस्तीनी इलाके में अगर उनके इनक्यूबेटर बिजली फेल हो जाते हैं तो अस्पताल में एडमिट नवजातों की कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।

फ्यूल हो रहे खत्म

हॉस्पिटल ने कहा कि गाजा नवजात गहन देखभाल इकाई के डॉक्टर अपने नन्हें मरीजों के लिए ईंधन और बुनियादी दवाएं ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो इजरायली घेराबंदी वाले फिलीस्तीनी इलाके में है, हम अगर यहां इनक्यूबेटर बिजली खो देते हैं तो कुछ ही मिनटों इन बच्चों की मौत हो सकती है। गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल में डॉक्टर नासिर बुलबुल ने कहा, "हम सभी से इस महत्वपूर्ण विभाग के लिए आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति भेजने का आह्वान करते हैं अन्यथा हमें भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा।"

दुनिया से की मदद की अपील

वहीं, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किद्रा ने कहा कि गाजा पट्टी में इलेक्ट्रिक इनक्यूबेटरों में 130 नवजात शिशु थे। अस्पतालों में खास कर गाजा के 13 सार्वजनिक अस्पतालों में से सबसे बड़े शिफा अस्पताल में जनरेटर और ईंधन खत्म हो रहा था और ये "टैंकरों के बिल्कुल नीचे" थे। उन्होंने कहा, "हमने इनक्यूबेटरों सहित ईंधन को सबसे आवश्यक जीवन रक्षक सेवाओं में बदल दिया है, लेकिन हम नहीं जानते कि यह कितने समय तक चलेगा।" उन्होंने आगे कहा, "हम पूरी दुनिया से ईंधन के लिए मदद करने की अपील कर रहे हैं। हमने अपने सार्वजनिक और निजी पेट्रोल स्टेशनों से भी कहा है कि वे अस्पतालों में लोगों की जान बचाने में मदद के लिए ईंधन के लिए जो कुछ भी बचा सकते हैं उसे दान करें।"

23 लाख लोग जीने के लिए कर रहे संघर्ष

जानकारी दे दें कि हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को इजरायली समुदायों पर हमला किया, जिसके बाद इजरायल ने हमास शासित गाजा पट्टी पर सबसे घातक हवाई हमले किए और यहां पूर्ण नाकाबंदी लगा दी, जिसमें 1,400 लोग मारे गए और 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया। दुनिया के सबसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों में से एक, छोटे फ़िलिस्तीनी एन्क्लेव में 23 लाख लोगों के लिए पानी, भोजन, दवाएँ और ईंधन ख़त्म हो रहा है और गाजा के डॉक्टर अस्पतालों को चालू रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

14 लाख लोग विस्थापित

इस बीच एक मिस्र की ओर से तीसरी बार मदद के लिए काफिला सोमवार को गाजा की ओर जाने वाले राफा क्रॉसिंग में दाखिल हुआ, पर ये पर्याप्त नहीं है। जानकारी दे दें कि हाल ही में यूएन ने कहा था कि फिलिस्तीन को प्रतिदिन जरूरी चीजों वाले 100 ट्रकों की जरूरत है।  जानकारी दे दें कि गाजा अधिकारियों का कहना है कि 7 अक्टूबर से इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 5,087 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 2,055 बच्चे शामिल हैं, और 15,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि गाजा की 23 लाख की आबादी में से लगभग 14 लाख लोग अब विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से कई लोग संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन सेल्टर्स में शरण ले रहे हैं।

दो महिलाओं को छोड़ा

इस बीच हमास ने दो बुजुर्ग महिलाओं को अपनी कैद से आजाद करने की घोषणा की है। जानकारी दे दें कि ये दोनों महिलाएं इजराइल नागरिक हैं और गाजा पट्टी से ही इनकों हमास ने बंधक बना लिया था।

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