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गाजा में इजरायली बमबारी नहीं रोके जाने से यूरोप की सड़कों पर उबाल, भारी संख्या में लोगों ने किया प्रदर्शन

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Nov 05, 2023 02:58 pm IST,  Updated : Nov 05, 2023 03:09 pm IST

गाजा पर इजरायली हमले जारी रहने के खिलाफ यूरोप में फिलिस्तीन समर्थकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने इजरायल हत्यारा का पोस्टर लहराया। साथ ही जल्द से जल्द गाजा में इजरायली हमला रोकवाने की मांग की।

यूरोप की सड़कों पर इजरायल के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब।- India TV Hindi
यूरोप की सड़कों पर इजरायल के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब। Image Source : PTI

इजरायल-हमास युद्ध को लेकर यूरोप में पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी बर्लिन और अन्य यूरोपीय शहरों में फिलस्तीनी समर्थक हजारों की संख्या में गाजा में इजरायली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन इजरायल-हमास युद्ध में हताहतों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाता है, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है।
 
गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है। गाजा में 24,173 और वेस्ट बैंक में 2,200 फलस्तीनी घायल हुए है। इजराइल में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इनमें से अधिकतर लोगों की मौत सात अक्टूबर को हमास के शुरुआती हमले में हुई। इसी हमले के बाद से यह युद्ध शुरू हुआ है। इन हमलों में करीब 2,50,000 इजराइली और गाजा में 15 लाख से अधिक फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा गाजा में कम से कम 241 लोगों को बंधक बनाया गया है। गाजा में इजराइल की जवाबी कार्रवाई के विरोध में पेरिस की एक रैली में हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए।

‘‘इजरायल, हत्यारा’’ के लगाए नारे 

प्रदर्शनकारियों ने गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया और कुछ लोगों ने ‘‘इजरायल, हत्यारा’’ के नारे लगाए। मध्य लंदन में प्रदर्शनकारियों ने ‘‘संघर्ष विराम अभी करो’’ और ‘‘मुझे विश्वास है कि हम जीतेंगे’’ जैसे नारे लगाते हुए सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। पेरिस में कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘गाजा में नरसंहार रोको’’ के बैनर दिखाए और फलस्तीनी झंडे थामे कई लोगों ने ‘‘फलस्तीन जीवित रहेगा, फलस्तीन जीतेगा’’ के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘मैक्रों की मिलीभगत’’ के नारे लगाते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर भी निशाना साधा। पेरिस के पुलिस प्रमुख ने एक निश्चित मार्ग पर प्रदर्शन की अनुमति दी लेकिन साथ ही कहा कि यहूदी विरोधी या आतंकवाद के प्रति सहानुभूति रखने वाले किसी भी प्रकार के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बर्लिन में फूटा लोगों का गुस्सा

हमास के इजराइल पर सात अक्टूबर को किए गए हमले के बाद से यूरोप में यहूदी विरोधी हमलों में तेजी देखी गई है। बर्लिन में पूर्व में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया। जर्मन समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ ने बताया कि लगभग 6,000 प्रदर्शनकारियों ने जर्मनी की राजधानी के बीचों-बीच मार्च किया। पुलिस ने ऐसे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक या लिखित बयानों पर प्रतिबंध लगा दिया जो यहूदी विरोधी या इजराइल विरोधी हों या हिंसा या आतंकवाद का महिमामंडन करते हों। लंदन में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन करने के बीच मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि उसके अधिकारियों ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और इटली के मिलान शहर में भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। (एपी) 

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