लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर एक तरफ जहां चुनाव प्रचार जोरों शोरों से हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल राजद के पूर्व सांसद अशफाक करीम के बाद अब पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष वृषिण पटेल ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस बाबत उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को पत्र भी लिखा। इस पत्र में वृषिण पटेल ने कहा कि बहुत दुखी मन से इस्तीफा दे रहा हूं। समर्पित कार्यकर्ताओं की जरूरत पार्टी को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी को सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द में आस्था नहीं रही।
बता दें कि वृषिण पटेल बिहार सरकार में मंत्री और राजद के टिकट पर सांसद भी रह चुके हैं। बता दें कि इससे पूर्व शुक्रवार को राजद के पूर्व राज्यसभा सांसद अहमद अशफाक करीम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव को इस बाबत एक पत्र भी लिखा। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों को पार्टी में सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जा रहा है। खबरों की मानें तो लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में परिवार की तरजीह देने का आरोप लगाते हुए आरजेडी नेताओं ने नाराजगी जताई है।
ऐसा भी कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आरजेडी में जिस तरीके से टिकटों का बंटवारा हुआ है, उसमें मनमानी हुई है। इस कारण पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से काफी नेता नाराज हैं। वहीं सीमांचल के बड़े चेहरे तस्लीमुद्दीन के बड़े बेटे सरफराज आलम ने छोटे भाई को टिकट दिए जाने से भी नाराजगी जाहिर की है। सरफराज आलम ने सार्वजनिक मंच से तेजस्वी यादव और लालू यादव को बुरा-भला भी कहा है। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने मुसलमानों को ठगने का काम किया है। उनका कोई कसूर नहीं है। उन्हें टिकट क्यों नहीं दिया गया।
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