1. Hindi News
  2. छत्तीसगढ़
  3. छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की टूटी कमर, सुकमा में 29 माओवादियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की टूटी कमर, सुकमा में 29 माओवादियों ने किया सरेंडर

 Published : Jan 14, 2026 02:27 pm IST,  Updated : Jan 14, 2026 02:28 pm IST

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। अब राज्य के सुकमा जिले में बुधवार को एक इनामी समेत 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

sukma naxal surrender- India TV Hindi
सांकेतिक फोटो। Image Source : ANI

भारत को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए सरकार का प्रयास लगातार जारी है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में भी नक्सलवाद की कमर टूट गई है। सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षाबलों की ताबड़तोड़ कार्रवाई की वजह से बीते कुछ समय से लगातार नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं या फिर सरेंडर कर रहे हैं। अब बुधवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 29 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में से एक के सिर पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं ये नक्सली 

पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी है कि सुकमा जिले के गोगुंडा इलाके के तहत केरलापाल एरिया कमेटी में एक्टिव 29 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सलियों में गोगुंडा पंचायत में दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष पोड़ियाम बुधरा के सिर पर 2 लाख रूपए का इनाम घोषित किया गया था। ये माओवादी सुकमा जिले की हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।

सुरक्षा शिविर की ने निभाई बड़ी भूमिका

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा शिविर की स्थापना ने इस सरेंडर में बड़ा रोल निभाया है। इलाके में नक्सल विरोधी अभियान, लगातार दबाव और अभियान की मदद से माओवादी संगठन की गतिविधियों को सीमित किया गया। इस कारण कैडरों का माओवादी संगठन से मोहभंग होने लगा और उन्होंने सरेंडर करने का फैसला किया। अधिकारियों ने बताया है कि विषम एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गोगुंडा इलाके को माओवादियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल ठिकाना माना जाता था। हालांकि, जब से सुरक्षा शिविर की स्थापना हुई उसके बाद से माओवादियों के ठिकाने को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

लगातार जारी हैं नक्सलियों के सरेंडर

बुधवार को 29 माओवादियों द्वारा सामूहिक सरेंडर किए जाने के बाद केरलापाल एरिया कमेटी अब नक्सली प्रभाव से मुक्त होने के आखिरी चरण में पहुंच गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले माओवादियों को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। हाल ही में 9 जनवरी को दंतेवाड़ा जिले में 63 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। वहीं, साल 2025 में छत्तीसगढ़ में 1500 से भी ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया था। (इनपुट: भाषा)

ये भी पढ़ें- दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 36 पर था 1.19 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम

सुकमा में नक्सलवाद की कमर टूटी, 13 इनामी समेत 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। छत्तीसगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।