दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी, दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष अतिशी और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पूरा मामला झूठ को सच साबित करने की संगठित कोशिश है। मंत्री ने कहा, 'आम आदमी पार्टी का राजनीतिक चरित्र शुरू से ही झूठ पर आधारित रहा है। अरविंद केजरीवाल ने हर वह झूठ बोला जो बोला जा सकता था कि मैं सुरक्षा नहीं लूंगा, मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, मैं गाड़ी नहीं लूंगा, मैं हवाई यात्रा नहीं करूंगा, और फिर वही सब कुछ किया।'
मंत्री सिरसा ने कहा, 'यही आम आदमी पार्टी की राजनीति की सच्चाई है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब अतिशी द्वारा दिल्ली विधानसभा के भीतर गुरु तेग बहादुर जी के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों को झूठ, फॉरेंसिक रिपोर्ट की आड़ में छिपाने की कोशिश की जा रही है।'
केस की वास्तविक स्थिति पर सवाल
फॉरेंसिक जांच पर गंभीर आपत्ति
मंत्री ने कहा कि जिस तथाकथित फॉरेंसिक जांच के आधार पर अदालत को गुमराह किया गया, वह जांच:
- बिना मूल (Original) विधानसभा वीडियो के की गई,
- बिना अतिशी को बुलाए,
- बिना उनका वॉयस सैंपल लिए,
- और बिना किसी आईटी या साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ के, बल्कि एक कांस्टेबल द्वारा एआई टूल का इस्तेमाल कर तैयार की गई।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहीं यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वीडियो के किस हिस्से में किस सेकंड से किस सेकंड तक, किस तरह की छेड़छाड़ हुई। केवल यह कह देना कि 'वीडियो डॉक्टर्ड है', फॉरेंसिक नहीं बल्कि कहानी लेखन है।
दोहरा मापदंड: पुलिस की भूमिका पर सवाल
विपक्ष की नेता अतिशी की चुप्पी और राजनीतिक संरक्षण
आतिशी को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह बेहद शर्मनाक है। जिस पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था संभालनी चाहिए, वह हमारे सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने में लगी हुई है। आतिशी को बचाने के लिए पंजाब सरकार खुद केस लड़ रही है। विधानसभा के अंदर गुरु साहिब का जो अपमान आतिशी ने किया है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
सिरसा ने कहा कि घटना के बाद से अतिशी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं, न विधानसभा में दिखीं और न ही अपने बयान को स्पष्ट किया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच से पहले ही पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कराना यह दर्शाता है कि सच्चाई सामने आने का डर था।
धार्मिक भावनाओं पर चोट
सिरसा ने कहा कि एक झूठ को सच साबित करने के लिए चाहे सौ या हजार झूठ बोले जाएं, सच्चाई नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि इस पाप से न तो अतिशी और न ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कभी मुक्त हो पाएंगे।