नई दिल्लीः दिल्ली में शुक्रवार से दो दिवसीय 'अंतर्राष्ट्रीय जनमंगल सम्मेलन' शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा है। इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, स्वामी रामदेव और प्रसन्न सागर महराज ने 'हर मास एक उपवास' का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 13 दिसंबर तक चलेगा।
उपवास को लेकर रजत शर्मा ने कही ये बातें
इस मौके पर इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा ने कहा कि स्वामी रामदेव जी का आभार प्रकट करना चाहता हूं। स्वामी जी के साथ मेरा बहुत पुराना परिचय है। मेरी जिंदगी में अक्सर ऐसे लोग आते हैं जो खाने के लिए जीते हैं, मगर स्वामी रामदेव ऐसे व्यक्ति हैं जो केवल जीने के लिए खाते हैं। जिस तरीके का जीवन हम जीते हैं, उसमें लोग खाने की बात ज्यादा करते हैं। खाना ना खाने की बात कम करते हैं।
रजत शर्मा में कहा कि मेरे बगल में एक सरदारजी रहते थे और काफी खाते-पीते थे। अच्छे शरीर के थे। दिल्ली में जो भी रेस्टोरेंट खुलता था, उसमें वह सबसे पहले खाने जाते थे। हमने उन्हें काफी समझाया कि इतना नहीं खाना चाहिए उन्हें डाइटिशियन से भी मिलाया। उन्होंने कहा कि जब हम उपवास की बात करते हैं तो उपवास संयम का नाम है। मन में तो भोजन की इच्छा होती है, मगर जब सागर में ऐसे तूफान आते हैं तो उन्हें रोकना होता है। वजन कम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश से आह्वान किया हुआ है।
वहीं, उन्होंने प्रसन्न सागर महाराज के बारे में कहा कि उनका काम चमत्कार से कम नहीं है। 557 दिन का उपवास रख कर कोई कितना स्वस्थ हो सकते हैं, ये प्रसन्न सागर महाराज से सीखने की जरूरत है। किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। उपवास का संयम बहुत जरूरी है। आज का यह प्रोग्राम देश को एक नई दिशा देगा। बचपन में जब मैं 8-9 साल का था तो चावड़ी बाजार में एक दुकान थी। वहां पर एक जैन साहब रहते थे। उनके पास जाता था। वह मुझे हर महीने में स्कॉलरशिप देते थे। मेरे एक मित्र भी थे जो जैन समाज से थे। जितना मैं जैन समाज को समझता गया, उतना मैंने पाया। जैन समाज के लोग दूसरों के लिए ज्यादा जीते हैं। इनके उपकार बड़े-बड़े हैं।
स्वामी रामदेव ने की रजत शर्मा की तारीफ
इस मौके पर स्वामी रामदेव ने रजत शर्मा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रजत जी की उम्र 68 साल है। मगर उनकी फिटनेस देखने में ऐसा लगता है कि उनकी उम्र 45 साल की होगी। उन्होंने कहा कि रजत जी ने बताया कि एक जैन ने उन्हें ₹20 दिए और ये बात आज तक रजत जी ने याद रखी है। ये बड़ी बात है। लोग सैकड़ों करोड़ की बात भूल जाते हैं। 20 रुपये की स्कॉलरशिप इन्हें याद है।
डॉक्टर शिव कुमार सरीन ने उपवास को लेकर कही ये बातें
इस मौके पर डॉक्टर शिव कुमार सरीन ने कहा कि उपवास को लेकर बच्चों को पहले सीखना पड़ेगा। बच्चों को अगर फीडिंग रात को कम कराई जाए तो वह बच्चा मोटा नहीं होगा। यह बहुत बड़ी साइंस है। बच्चा अगर मोटा है तो 40 साल की उम्र तक उसे हार्ट अटैक आ सकता है। भारत में 5 साल से कम के 3 मिलियन (30 लाख) बच्चे हैं जो मोटापे से जूझ रहे हैं। फास्ट हमारी हेल्थ और मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। अगर 100 साल जीना है तो उपवास करना होगा। ज्यादा जीने के लिए कम खाना होगा।
भूपेंद्र यादव ने प्रदूषण को लेकर कही ये बात
वहीं, पर्यावरण मिनिस्टर भूपेंद्र यादव ने कहा कि हम एनसीआर प्रदूषण से चिंतित हैं, हमने BS6 BS4 लागू किया है। हम 240 पीएनजी इंडस्ट्री लाएंगे। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस सेवा है। हम प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली, फ़रीदाबाद और संबंधित राज्यों और शहरों में उपायों को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं कि कोई प्रदूषण न हो।
शनिवार को कार्यक्रम का होगा समापन
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य "लोक कल्याण की सही दृष्टि: उपवास, ध्यान, योग और स्वदेशी विचार" है। इसी मंच से एक विशाल जन-आंदोलन "हर महीने एक उपवास" की शुरुआत भी की गई। अंतर्राष्ट्रीय जनमंगल सम्मेलन का समापन शनिवार को होगा।