1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. दिव्यांग छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री तैयार करने के दिशा निर्देश

दिव्यांग छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री तैयार करने के दिशा निर्देश

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 08, 2021 03:22 pm IST,  Updated : Jun 08, 2021 03:22 pm IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दिव्यांग छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री तैयार करने के दिशानिर्देश जारी किए हैं।गौरतलब है कि मई 2020 में डिजिटल, ऑनलाइन और ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करने के उद्देश्य से पीएम ई-विद्या की शुरूआत की गई थी। इसके तहत दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) को तैयार करने की परिकल्पना की गई थी।

Guidelines for preparing online education material for...- India TV Hindi
Guidelines for preparing online education material for disabled students Image Source : FILE

नई दिल्ली| केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दिव्यांग छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री तैयार करने के दिशानिर्देश जारी किए हैं।गौरतलब है कि मई 2020 में डिजिटल, ऑनलाइन और ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करने के उद्देश्य से पीएम ई-विद्या की शुरूआत की गई थी। इसके तहत दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) को तैयार करने की परिकल्पना की गई थी।

अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की मंजूरी के बाद दिव्यांग छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री तैयार करने के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।विशेष ई सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) तैयार करने के लिए स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एक समिति का गठन किया था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि समिति द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार दिव्यांग छात्रों लिए ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) को चार सिद्धांतों बोधगम्य, संचालन योग्य, समझने योग्य और सु²ढ़ आधार पर विकसित किया जाना चाहिए। इसके अलावा ई सामग्री टेक्स्ट, टेबल, डायग्राम, विजुअल, ऑडियो, वीडियो इत्यादि जैसे मानकों सहित राष्ट्रीय मानकों (जीआईजीडब्लू 2.0) और अंतर्राष्ट्रीय मानकों (डब्लूसीएजी 2.1, ई-पब, डीएआईएसवाई इत्यादि) के अनुरूप होनी चाहिए।समिति ने इसी प्रकार दिव्यांग छात्रों के लिए ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) तैयार करने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि कोरोना महामारी की शुरूआत से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को ध्यान में रख कर ही निर्णय लिए हैं। इसके लिए चाहे ऑनलाइन शिक्षा को देश भर में शुरू करने का निर्णय हो या इस वर्ष छात्रों एवं शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय हो।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के इक्छुक अभ्यर्थियों के लिए निर्णय लिया गया कि टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाणपत्र की वैद्यता 7 वर्ष से बढ़ा कर जीवनकाल के लिए कर दी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में न सिर्फ रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि बहुत सारे लोगों को बार बार पात्रता परीक्षा देने के दबाव से मुक्ति मिलेगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।