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भूपेश बघेल बने छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्यमंत्री, ताम्रध्वज साहू और टी एस सिंहदेव ने ली मंत्री पद की शपथ

 Edited By: Bhasha
 Published : Dec 17, 2018 07:22 pm IST,  Updated : Dec 17, 2018 08:29 pm IST

57 वर्षीय भूपेश बघेल अन्य पिछड़ा वर्ग के कुर्मी समाज से आते हैं जो राज्य की राजनीति में काफी दखल रखता है

Bhupesh Baghel become 3rd Chief Minister of Chhattisgarh- India TV Hindi
Bhupesh Baghel become 3rd Chief Minister of Chhattisgarh

रायपुर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रायपुर के बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। बघेल ने हिंदी में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। बघेल के साथ उनके सहयोगी ताम्रध्वज साहू और टी एस सिंहदेव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। 

सिंह देव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वह अंबिकापुर से विधायक हैं। वहीं ताम्रध्वज साहू पिछड़ा वर्ग के वरिष्ठ नेता हैं एवं दुर्ग ग्रामीण सीट से विधायक हैं। साहू दुर्ग लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद भी हैं। भूपेश बघेल कांग्रेस के एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत बनाने का काम किया। कांग्रेस ने पिछले 15 वर्षों से सत्तारूढ़ रही भाजपा को सत्ता से हटाया। कांग्रेस को 68 सीटों पर जीत दिलाने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की बड़ी भूमिका रही है। 

57 वर्षीय भूपेश बघेल अन्य पिछड़ा वर्ग के कुर्मी समाज से आते हैं जो राज्य की राजनीति में काफी दखल रखता है। बघेल ने वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद सम्हाला था और पांच वर्ष तक वह लगातार मेहनत करते रहे। इन पांच वर्षों के मेहनत के बाद कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में सफल रही है। 

राज्य में भूपेश बघेल की छवि तेज तर्रार नेता की है जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंह देव के साथ मिलकर लगातार हार के कारण निराश संगठन में फिर से नई जान फूंकी। बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 में दुर्ग जिले के सभ्रांत किसान परिवार में हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 80 के दशक में की थी। वह लगातार कांग्रेस के कार्यक्रमों और आंदालनों में शामिल होते रहे। बघेल के कार्यों को देखकर पार्टी ने 1993 में उन्हें टिकट दिया और वह पाटन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत गए। बाद में वह 1998 और 2003 में भी क्षेत्र से विधायक रहे। वर्ष 2008 में वह चुनाव हार गए थे। इस चुनाव में भाजपा के विजय बघेल ने उन्हें हराया था। हार के बाद बघेल को वर्ष 2009 में रायपुर लोकसभा सीट से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया लेकिन वह रमेश बैस से चुनाव हार गए। बघेल पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया और वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत मिली। इस वर्ष हुए चुनाव में बघेल ने पाटन विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। 

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायण सामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, वरिष्ठ नेता शरद यादव, नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, कांग्रेस के विधायक, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। 

 

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