Iran Police Officer Killed: ईरान में आर्थिक संकट के चलते हो रहे विरोध प्रदर्शनों से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। एक वीडियो सामने आया है जिसमें सिस्तान और बलूचिस्तान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिसकर्मी को मार डाला। यह तब हुआ है जब ईरान पहले ही सकट में घिरा है और कई शहरों में लोग जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन ईरान के 31 में से कम से कम 25 प्रांतों में फैल गए हैं, जिसमें सुरक्षा बलों के जवानों सहित दर्जनों लोग मारे गए हैं।
देखें वीडियो
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि अज्ञात हमलावर एक पुलिस कार पर तब तक गोलियां चलाता है जब तक कि वह सड़क से उतरकर दुर्घटनाग्रस्त नहीं हो गई। यह वीडियो हमलावर की गाड़ी से शूट किया गया है, जिसमें वह खिड़की से बाहर झुका हुआ दिख रहा है और सिर्फ बंदूक की नोक दिखाई दे रही है और वह लगातार पुलिस कार पर गोलियां चला रहा है।
जैश अल-अदल ने ली जिम्मेदारी
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मारे गए पुलिसकर्मी की पहचान महमूद हकीकत के रूप में हुई है। वाना न्यूज एजेंसी के अनुसार, आतंकवादी संगठन जैश अल-अदल, जो खुद को बलूच अल्पसंख्यक समुदाय के लिए ज्यादा अधिकारों की मांग करने वाला बताता है, ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस सुन्नी आतंकवादी समूह ने हाल ही में ईरान के धार्मिक शासन को निशाना बनाने के लिए एक नया गठबंधन बनाने के लिए कई छोटे बलूच अर्धसैनिक समूहों के साथ हाथ मिलाया है।
पूरे ईरान में फैले प्रदर्शन
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, राजधानी तेहरान के पास हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई चाकूबाजी में एक और ईरानी पुलिस अधिकारी की मौत हो चुकी है। देश में शुरु हुए विरोध प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी है। प्रदर्शन पिछले महीने तेहरान के सदियों पुराने ग्रैंड बाजार में शुरू हुए थे, जहां दुकानदारों ने ईरान की रियाल मुद्रा में भारी गिरावट के विरोध में अपने कारोबार बंद कर दिए थे। तब से, आर्थिक स्थिति बिगड़ने, पश्चिमी प्रतिबंधों, कुप्रबंधन और राजनीतिक और सामाजिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों को लेकर जनता के गुस्से के कारण प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए हैं।
सरकार के खिलाफ भड़का लोगों का गुस्सा
ईरान से इस तरह के वीडियो भी सामने आए हैं जहां प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरान की इस्लामी सरकार के खिलाफ मार्च करते और "जब तक मुल्ला को दफनाया नहीं जाता, यह वतन आजाद नहीं होगा" और "मुल्लाओं को ईरान छोड़ देना चाहिए" जैसे नारे लगाते दिखे। प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 30 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। हजारों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन कहा है कि सुरक्षा बलों के कम से कम दो सदस्य मारे गए हैं और एक दर्जन से ज्यादा घायल हैं।
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