1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. डायबिटीज के मरीजों की तरह मोटे लोगों को कोरोना वायरस का अधिक खतरा, रहें सतर्क

डायबिटीज के मरीजों की तरह मोटे लोगों को कोरोना वायरस का अधिक खतरा, रहें सतर्क

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Mar 24, 2020 03:28 pm IST,  Updated : Mar 24, 2020 03:28 pm IST

एनएचएस ऑडिट खुलासा किया लगभग दो तिहाई मरीज जो कोरोनो वायरस से पीड़ित है वह काफी मोटे भी है। 40 प्रतिशत लोगों की उम्र 60 साल से कम है।

Weight - India TV Hindi
Weight 

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अभी तक कहा जा रहा था कि जिन्ंहें हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज आदि है उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है, लेकिन एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें कहा जा रहा है कि मोटे लोगों को भी कोरोना वायरस का खतरा अधिक है। यूरोप के नेशनल हेल्थ सर्विस(NHS) के अनुसार यूरोप में जितने भी लोग बीमार हुए है  दो तिहाई मरीज लोग मोटे है। 

एनएचएस के अनुसार अगर आपके शरीर  में अधिक चर्बी है और आपका बॉडी माक्स इंडेक्स (BMI)ज्यादा है तो आपको कोरोना होने का खतरा सबसे अधिक है। यूरोप की बात करें तो कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में से दो तिहाई लोग मोटापे का शिकार है। 

एनएचएस ने आगे कहा कि इस गंभीर रूप से बीमार लोगों में से 40 प्रतिशत लोगों की उम्र 60 साल से नीचे है। यूरोप ही नहीं यूनाइटेड किंगडम में कोरोना वायरस से संक्रमित कुछ मरीजों में से 63 प्रतिशत मरीज आईसीयू मैं है जोकि अधिक बीएमआई के साथ-साथ मोटे भी है।

आपको यह बात जानकर शायद हैरानी होगी कि यूके में पिछले 24 घंटे में 194 मरीज आईसीयू में एडमिट हुए। जिसमें से 130 लोग मोटापे से परेशान थे। जिसके साथ ही माना जाता रहा है कि मोटे लोगों को भी कोरोना वायरस जल्दी होने का खतरा है। 

पहले भी कई बार ऐसे रिसर्च हो चुकी है। जिसमें यह बात सामने आई है कि मोटे लोगों को संक्रमण का खतरा अधिक है। इस के साथ ही फेफड़ो से संबंधित बीमारियों के होने की आशंका भी अधिक है। 

कोरोना वायरस से डायबिटीज के मरीजों को कितना खतरा?, जानें एम्स के डॉक्टर से कैसे करें बचाव

 

इस बारे में डॉक्टरों का मनना है कि मोटे लोगों का इम्यूनिटी सिस्टम उतना अच्छा नहीं होता है जितना एक दुबलेपतले व्यक्ति का होता है। मोटे लोग अधिक मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का सेवन नहीं करते है। जिसके कारण उनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है।  

अधिक वजन होने के कारण शरीर में डायफ्रॉम और फेफड़ों को फूलने-पिचकने में प्रॉब्लम होने लगती है। जिसके कारण सांस लेने में समस्या होने लगती है। जिसके कारण शरीर के अन्य हिस्सों में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पंहुच पाती है। ऐसे में कोरोना वायरस का संक्रणण होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। 

कोरोना वायरस: सैल्फ आइसोलेटेड में रखना है खुद को फिट, जानें सेलेब न्यूट्रिशनिस्ट से डाइट और वर्कआउट प्लान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।