सर्वाइकल कैंसर भारत में बहुत तेजी से फैलता जा रहा है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे अधिक मामले सर्वाइकल कैंसर के ही आते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार हर 53 में से 1 महिला इस खतरनाक बीमारी के शिकार होते हैं। इतना ही नहीं करीब 45 प्रतिशत महिलाओं को इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं है। एक आकड़े के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के कारण 15 से 45 साल की उम्र की महिलाएं अपनी जान गवां देती हैं। जानिए इस खतरनाक बीमारी के कारण में सबकुछ।
सर्वाइकल कैंसर यूटरस के निचले हिस्से में ग्रीवा सेल्स में पनपता है। सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स की लाइनिंग को प्रभावित करता है। सर्वाइकल कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) को माना जाता है। इसके अलावा यह स्मोकिंग, प्रेग्नेंसी के कारण भी हो सकता है।
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इंटीमेशन के दौरान अधिक दर्द या खून बहना
अगर इंटीमेशन के समय आपको अधिक दर्द या फिर ब्लीडिंग हो रही है तो समझ लें कि ये सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण है।
कमर में अधिक दर्द होना
बिना किसी चोट या खिंचाव के कारण अगर कमर में दर्द हैं तो वह सर्वाइकल कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना
आमतौर पर पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से यानी पेडू में दर्द होता है। लेकिन पीरियड्स के बगैर दर्द हो तो डॉक्टर से संपर्क करे।
पीरियड्स के बीच खून आना
अगर आपको पीरियड्स के अलावा ब्लीडिंग होती हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं में रक्तस्राव
अगर मोनोपॉज के बाद अगर ब्लीडिंग होती हैं तो इसे हल्के में न लें।
तेजी से वजन कम होना
सर्वाइकल कैंसर का एक कारण तेजी से वजन कम होना भी हो सकता है।
अधिक थकान लगना
बिना ज्यादा काम किए अगर आपको अधिक थकान लग रही हैं तो यह भी कैंसर का एक संकेत हो सकता है।
ये लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको कुछ ऐसा नजर आता है तो डॉक्टर से जरूर मिले।
सर्वाइकल कैंसर होने के कारण
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