खाने के सामान में मिलावट एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। बहुत सी चीजे जो हम रोज खाते हैं, बाजार से आती हैं। यातायात की सुविधाओं ने यह संभव बना दिया है कि खाने की चीजें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पर जा सकें। पर जो लोग इनका व्यापार करते हैं वे बहुत आसानी से इनमें मिलावट भी कर सकते हैं। मिलावटी चीजें हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसी तरह से मिलावट वाला घी भी हमारे शरीर को के लिए नुकसानदायक है। कुछ लोग चंद पैसों के लिए आपकी सेहत से खिलवाड़ करते हैं, ऐसे में आपको उनसे बचकर रहने की जरूरत है। कई लोग घी घर में ही बनाते हैं लेकिन जो लोग घी बाजार से खरीदते हैं उन्हें यह जरूर जांचना चाहिए कि उनका घी असली है नकली? आज हम आपको बताएंगे कुछ आसान टिप्स जिनकी मदद से आप ये पता लगा सकता हैं कि आप जिस घी का सेवन कर रहे हैं वो असली है या नकली।

मिलावटी देशी घी तैयार करने के लिए कई चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। घी तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत रिफाइंड ऑयल और 60 प्रतिशत फार्चून वनस्पति को मिलाया जाता है। इसके अलावा इसमें उबले हुए आलू और कोलतार भी मिलाए जाते हैं। फार्चून वनस्पति दानेदार होता है। इसलिए मिलावटी घी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसमें भी क्वालिटी को बेहतर करने के लिए 5 से 10 प्रतिशत असली देशी घी भी मिलाते हैं। इसमें देशी घी वाला सेंट भी मिलाया जाता है।
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