पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का 5 फरवरी यानी की रविवार को 79 साल की उम्र में निधन हो गया। परवेज मुशर्रफ पिछले 7 सालों से एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज़ दुबई के एक अस्पताल में हो रहा था। जिस बीमारी से परवेज मुशर्रफ पीड़ित थे उसका नाम है अमाइलॉइडोसिस। यह बीमारी बहुत कम लोगों को होती है। साल 2016 से ही वह अपनी इस बीमारी का इलाज़ करा रहे थे। यह एक दुर्लभ बीमारी है जो तब होती है जब आपके शरीर में अमाइलॉइड नामक एक प्रोटीन आपके शरीर में फ़ैल जाता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या है अमाइलॉइडोसिस?
अमाइलॉइडोसिस शरीर में अमाइलॉइड प्रोटीन के जमने से होती है। आपको बता दें यह प्रोटीन किसी भी व्यक्ति के शरीर में नहीं पाया जाता है। लेकिन ये कई तरह के प्रोटीन से मिलकर बनते हैं। अमाइलॉइडोसिस से पीड़ित मरीजों के दिल, किडनी, नर्वस सिस्टम और पाचन तंत्र पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इस बीमारी की वजह से ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
इस बीमारी के लक्षण एक समान नहीं होते हैं। दरअसल, अमाइलॉइडोसिस पीड़ितों के अलग अलग अंग को प्रभावित करता है। ऐसे में इसके मरीजों में इस बीमारी के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। जैसे-
यह बीमारी शरीर में अमाइलॉइड प्रोटीन के जमने से होती है। आपको बता दें यह प्रोटीन आमतौर पर व्यक्ति के शरीर में नहीं पाया जाता है। ऐसे में अमाइलॉइडोसिस कई कारणों से हो सकते हैं।
अगर आपको अमाइलॉइडोसिस के हल्के फुल्के लक्षण या संकेत नजर आ रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें। अमाइलॉइडोसिस का हाल फिलहाल कोई ट्रीटमेंट नहीं है लेकिन दवाओं की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।
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