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पंजाब कांग्रेस विवाद: कांग्रेस की समिति ने सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपी, कैप्टन की अगुवाई में चुनाव लड़ने पर सहमति

 Reported By: Vijai Laxmi @Vijai_laxmi
 Published : Jun 10, 2021 03:41 pm IST,  Updated : Jun 10, 2021 07:54 pm IST

कांग्रेस की पंजाब इकाई में कलह को दूर करने के मकसद से गठित तीन सदस्यीय समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी।

पंजाब कांग्रेस विवाद: कांग्रेस की समिति ने सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपी- India TV Hindi
पंजाब कांग्रेस विवाद: कांग्रेस की समिति ने सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपी Image Source : INDIA TV

नयी दिल्ली। कांग्रेस की पंजाब इकाई में कलह को दूर करने के मकसद से गठित तीन सदस्यीय समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी। कांग्रेस की पंजाब की तीन सदस्य कमिटी ने आज अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अलाकमान को सौंप दी है। कमिटी ने दोपहर करीब एक बजे अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी। चार पन्नों की रिपोर्ट में कमिटी ने आलाकमान को काफी सारे सुझाव दिए हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। एक सूत्र ने बताया, 'समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है। अब कांग्रेस आलकमान जल्द ही कोई फार्मूला तय करेगा ताकि पंजाब में कलह को खत्म किया जा सके।'

समिति ने हाल ही में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों समेत कांग्रेस के पंजाब से ताल्लुक रखने वाले 100 से अधिक नेताओं से उनकी राय ली थी। खड़गे के अलावा कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत तथा दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल इस समिति में शामिल हैं।

गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी। विधायक परगट सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

कमिटी ने दिए ये सुझाव

कमिटी ने सुझाव दिया है कि राज्य में पीसीसी का गठन हो, तमाम खाली पद तुरंत भरे जाएं। हजार के करीब पद तो पीसीसी में ही होंगे, ऐसा करने से नाराज कार्यकर्ता को साधा जा सकता है। गुरुग्रंथ साहब के साथ बेअदबी के तमाम मामलों में करवाई की जाए। सिद्धू जैसे नाराज नेताओं के इश्यूज को भी एड्रेस किया जाए।

ज्यादातर विधायकों ने कमिटी के सामने माना कि कैप्टेन के नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ना फायमंद होगा। मुख्यमंत्री की अनएक्सिबिलिटी की बात भी काफी विधायको ने कमिटी के सामने रखी, मुख्यमंत्री ने Covid को इसकी वजह बताया। कमिटी की रिपोर्ट तीन हिस्सों में है, पहले हिस्से में फैक्ट्स रखे गए हैं, जो कमिटी के सामने आए। दूसरे हिस्से में मुख्यमंत्री ने जो जवाब दिए वो रखे गए और तीसरे हिस्से में कमिटी ने अपने सुझाव दिए हैं। चार पन्नों की रिपोर्ट के अलावा enclulosure में तमाम विधायकों ने जो कहा वह लिखा गया है।

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