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'वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उठाया, अब ग्रीनलैंड मांग रहे', बिहार SIR पर सुनवाई में ट्रंप का जिक्र क्यों? जानें

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 22, 2026 06:12 pm IST,  Updated : Jan 22, 2026 06:12 pm IST

सुप्रीम कोर्ट में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र क्यों आया। जानिए पूरा मामला...

डोनाल्ड ट्रंप की चर्चा- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप की चर्चा Image Source : PTI

सुप्रीम कोर्ट में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मामले पर चल रही सुनवाई के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी गूंजा। बिहार में एसआईआर का लिंक अमेरिका में न्याय व्यवस्था और  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ गया। सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर की सुनवाई के दौरान शुरुआत में चर्चा बिहार में हुई वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया को लेकर हुई जो बाद में डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला से होते हुए ग्रीनलैंड तक पहुंच गई। इसके बाद चर्चा का केंद्र 'ड्यू प्रोसेस' और दुनियाभर के उदाहरण से जुड़ता चला गया। 

कोर्ट में उठी ये बात, चुनाव आयोग ने आपत्ति की

कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन की प्रक्रिया यानी एसआईआर के दौरान लाखों लोगों के नाम मनमाने ढंग से हटाए जा सकते हैं। इस संदर्भ में याचिकाकर्ताओं ने अमेरिका समेत अन्य देशों के न्यायिक उदाहरणों का हवाला दिया। उनके इस तर्क पर चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की और चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि विदेशों के मामले, खासकर अमेरिका के उदाहरण को भारत में लागू नहीं किया जा सकता है, अमेरिका की परिस्थितियां अलग हैं।  

अमेरिका की बात अलग है-बोला चुनाव आयोग

चुनाव आयोग की इन दलीलों के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र आया और आयोग के वकील ने कोर्ट में बताया कि अमेरिका में ट्रंप ने खुले तौर पर ऐसे बयान दिए हैं जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को हथियाने की बात कही है, अब वो ग्रीनलैंड मांग रहे हैं और नाटो को लेकर आक्रामक टिप्पणियां कर रहे हैं। उससे पहले उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उठवा लिया। अमेरिका के उदाहरणों को भारत की संवैधानिक व्यवस्था पर थोपना ठीक नहीं है।

चुनाव आयोग ने कहा, भारत में चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह संविधान और कानून के तहत संचालित होती है और इसी तरह अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का अधिकार और जिम्मेदारी मिली है। 

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