आंध्र प्रदेश: कॉलेज में होने वाली रैगिंग से तंग आकर खुदकुशी करने का एक मामला फिर सामने आया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में रैगिंग का से तंग आकर B.Tech फर्स्ट ईयर की एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली।
गुंटूर के नागार्जुन यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्ट कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा ऋषिकेश्वरी को रैगिंग के नाम पर सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया जा रहा था। आरोप है कि ऋषिकेश्वरी को सीनियर छात्र से सार्वजनिक तौर पर प्यार करने और प्यार का प्रदर्शन करने के लिए कहा गया। पूरे मामले में ऋषिकेश्वरी के पिता ने पुलिस में दी शिकायत में अनीस, चरण और श्रीनिवास नाम के तीन सीनियर छात्रों का नाम लिखाया है।
ऋषिकेश्वरी ने जब ऐसा करने से इनकार कर दिया तो आरोपी सीनियर छात्रों ने उसके बारे में बेहुदा बाते बोलना शुरू कर दी। उससे ऋषिकेश्वरी बुरी तरह परेशान रहने लगी और तंग आकर अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया।
मरने से पहले ऋषिकेश्वरी ने सुसाइड नोट लिखा है। सुसाइड में लिखा है कि 'इस बात पर भरोसा बिलकुल मत करना कि कॉलेज में रैगिंग बंद हो गई है। कॉलेज में बहुत बुरी तरह रैगिंग होती है।' पीड़ित छात्रा ने हॉस्टल में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि कॉलेज में रैगिंग पर रोक नहीं लग पा रही है।
ऋषिकेश्वरी के पिता मुरली कृष्णा ने कहा कि, "सीनियर छात्रों ने मेरी बेटी को बहुत परेशान किया। अनीस नाम का एक सीनियर छात्र उसपर लगातार दबाव डाल रहा था कि वो चरण और श्रीनिवास नाम के दो सीनियर छात्रों में से किसी एक के साथ सार्वजनिक तौर पर प्यार करके दिखाए। जब ऋषिकेश्वरी ने ऐसा नहीं किया तो वो उसके खिलाफ प्रपोगंडा करने लगे। इसी से तंग आकर मेरी बेटी ने खुदकुशी की है।
ऋषिकेश्वरी की मां ने कहा कि, 'यूनिवर्सिटी में रैगिंग चल रही है। मेरी बेटी इसी वजह से दुनिया से चली गई। बच्चों को ऐसी जगह पढ़ने के लिए नहीं भेजना चाहिए।'
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