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J&K छात्र संघ ने PM मोदी को लिखा पत्र, 3 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह मामले खत्म करने की मांग की

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 01, 2021 09:58 pm IST,  Updated : Nov 01, 2021 10:01 pm IST

इससे पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी टी20 विश्वकप मैच में कथित तौर पर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने को लेकर कुछ कश्मीरी छात्रों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई पर आश्चर्य जताते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।

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J&K छात्र संघ ने PM मोदी को लिखा पत्र, 3 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह मामले खत्म करने की मांग की Image Source : SCREENSHOT

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भारत-पाकिस्तान टी-20 क्रिकेट विश्व कप मैच के बाद पाकिस्तान के पक्ष में व्हाट्सएप स्टेटस अपलोड करने वाले उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक कॉलेज के 3 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए देशद्रोह के मामले वापस लिए जाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में कॉलेज से छात्रों के निलंबन को भी रद्द करने की मांग की गई है।

महबूबा मुफ्ती ने भी पीएम मोदी को लिखा था पत्र

इससे पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी टी20 विश्वकप मैच में कथित तौर पर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने को लेकर कुछ कश्मीरी छात्रों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई पर आश्चर्य जताते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं हो।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई से कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के युवाओं में अविश्वास की भावना बढ़ेगी। उन्होंने कहा था कि देशभक्ति और वफादारी की भावना को करुणा के साथ पैदा करना होगा। 

पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप में श्रीनगर के मेडिकल छात्रों के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज होने और उत्तर प्रदेश के आगरा में पढ़ाई कर रहे तीन कश्मीरी छात्रों की गिरफ्तारी के मामले सामने आने के बाद महबूबा मुफ्ती का ये पत्र सामने आया था। 

महबूबा ने लिखा था, ''मैं आपको गहरी निराशा और जम्मू-कश्मीर में चिंताजनक हालात को लेकर पत्र लिख रही हूं। बहुत लंबा समय नहीं गुजरा है, जब दिल्ली में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए आपने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच 'दिल की दूरी' को खत्म करने का इरादा जताया था। पीडीपी की अध्यक्ष होने के नाते, मैंने विश्वास बढ़ाने के लिए कुछ उपाय सुझाए थे, जिनसे जम्मू-कश्मीर के लोग राहत की सांस मिल सकेगी।'' 

उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह के हालिया जम्मू-कश्मीर दौरे के बाद उम्मीदें जगी थीं क्योंकि उन्होंने यहां के युवाओं की भागीदारी को लेकर बयान दिया था। पीडीपी अध्यक्ष ने कहा था, ''इसके बावजदू, जो हुआ वह चौंकाने और परेशान करने वाला था। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच, जिसका मकसद केवल लोगों का मनोरंजन था, उसमें केवल विजेता पक्ष की जीत का जश्न मनाने के लिए युवाओं पर सख्त यूएपीए के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।'' 

महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा था, ''इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई से कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के युवाओं में अविश्वास की भावना बढ़ेगी। समझदारी भरा कदम ये होगा कि सरकार उनके साथ जुड़े और उनकी महत्वाकांक्षा और लक्ष्यों को समझे। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप हस्तक्षेप करें ताकि इन प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं हो।''

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