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कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है सरकार: चेलमेश्वर

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 03, 2018 06:54 am IST,  Updated : Nov 03, 2018 06:54 am IST

उन्होंने कहा कि विधायी प्रक्रिया द्वारा अदालती फैसलों में अवरोध पैदा करने के उदाहरण पहले भी रहे हैं।

Legislation on Ram Temple possible, says Justice Chelameswar | PTI- India TV Hindi
Legislation on Ram Temple possible, says Justice Chelameswar | PTI

मुंबई: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने शुक्रवार को मुंबई में कहा कि उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है। उन्होंने कहा कि विधायी प्रक्रिया द्वारा अदालती फैसलों में अवरोध पैदा करने के उदाहरण पहले भी रहे हैं। जस्टिस चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक कानून बनाने की मांग संघ परिवार में बढ़ती जा रही है।

कांग्रेस पार्टी से जुड़े संगठन ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (AIPC) की ओर से आयोजित एक परिचर्चा सत्र में न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी की। इस साल की शुरुआत में जस्टिस चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के उन चार सीनियर जजों में शामिल थे जिन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज के तौर-तरीके पर सवाल उठाए थे।

शुक्रवार को परिचर्चा सत्र में जब चेलमेश्वर से पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहने के दौरान क्या संसद राम मंदिर के लिए कानून पारित कर सकती है, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘यह एक पहलू है कि कानूनी तौर पर यह हो सकता है (या नहीं)। दूसरा यह है कि यह होगा (या नहीं)। मुझे कुछ ऐसे मामले पता हैं जो पहले हो चुके हैं, जिनमें विधायी प्रक्रिया ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में अवरोध पैदा किया था।’ 

चेलमेश्वर ने कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश पलटने के लिए कर्नाटक विधानसभा द्वारा एक कानून पारित करने का उदाहरण दिया। उन्होंने राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा के बीच अंतर-राज्यीय जल विवाद से जुड़ी ऐसी ही एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘देश को इन चीजों को लेकर बहुत पहले ही खुला रुख अपनाना चाहिए था। यह (राम मंदिर पर कानून) संभव है, क्योंकि हमने इसे उस वक्त नहीं रोका।’

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