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देश में लोकतंत्र को लेकर असम के राज्यपाल ने दिया बयान, कही ये बड़ी बातें

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 21, 2023 07:46 am IST,  Updated : Mar 21, 2023 07:46 am IST

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सदन में तर्क होने चाहिए, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए अन्यथा लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि वह अपने पद के दायरे में रहकर असम और राजस्थान की जनता की सेवा करेंगे और राजस्थान के मान-सम्मान को बरकरार रखेंगे।

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया- India TV Hindi
असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया Image Source : FILE PHOTO

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि देश में ऐसे लोकतंत्र का निर्माण होना चाहिए, जिसमें सभी लोगों की सहभागिता हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रभावी एवं सार्थक लोकतंत्र बनाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। कटारिया ने सोमवार को राज्य विधानसभा में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, "सदन जितना अधिक चलेगा, हम जनता की बात उतने ही अच्छे तरीके से रख पाएंगे।" कटारिया राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में आयोजित 'प्रभावी एवं सार्थक लोकतंत्र को बढ़ावा देने में विधानमंडल की भूमिका' विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र के प्रति लोगों की अपार निष्ठा रही है। 

'सदन में तर्क होने चाहिए, लेकिन मनभेद नहीं'

उन्होंने कहा कि सदन में तर्क होने चाहिए, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए अन्यथा लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि वह अपने पद के दायरे में रहकर असम और राजस्थान की जनता की सेवा करेंगे और राजस्थान के मान-सम्मान को बरकरार रखेंगे। कटारिया द्वारा असम के राज्यपाल पद का दायित्व ग्रहण करने पर विधानसभा में उनका अभिनंदन किया गया। 

कटारिया राज्यपाल नियुक्त होने से पूर्व राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भारत में पिछले 70 वर्षों में कई सरकारें बदलीं, लेकिन इसके बावजूद 140 करोड़ की आबादी वाले इस देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होती गईं। उन्होंने कहा कि बी. आर. आम्बेडकर द्वारा बनाए गए संविधान और मजबूत लोकतंत्र से ही दुनिया में भारत का सम्मान है। 

'लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष दोनों की अहम भूमिका'

उन्होंने कहा कि कई पश्चिमी देशों में महिलाओं को मताधिकार मिलने में सैंकड़ों वर्ष लगे, लेकिन हमारे संविधान ने महिलाओं को पहले दिन से ही मताधिकार दिया, जिसका हम सभी को गर्व है। विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है और दोनों पक्षों को अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावशाली ढंग से करना आवश्यक है। 

उन्होंने कहा कि सदन में वाद-विवाद की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रकार नीतियों का निर्धारण करना चाहिए कि जन आकांक्षाएं पूरी हो सकें। कार्यक्रम में वर्ष 2022 के लिए बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमीन खां एवं वर्ष 2023 के लिए अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिता भदेल को सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर पुरस्कृत किया गया।

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