पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को नोटिस भेजे जाने के मामले में निर्वाचन अधिकारी ने सफाई देते हुए इसकी वजह बताई है। निर्वाचन अधिकारी की तरफ से जारी सफाई में कहा गया है कि एडमिरल अरुण प्रकाश के एन्यूमरेशन फॉर्म में पिछली एसआईआर से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इससे जुड़ी सभी फील्ड खाली छोड़ दी गई थी। इसी वजह से उनका नाम मौजूदा सूची के साथ मैच नहीं हो पाया और उन्हें नोटिस भेजा गया है।
पूर्व नौसेना प्रमुख को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर चुनाव अधिकारी के सामने पेश होकर अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए कहा है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक और वीर चक्र से सम्मानित एडमिरल अरुण प्रकाश पिछले 20 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं।
निर्वाचन अधिकारी ने सफाई में क्या कहा?
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोर्टालिम असेंबली सीट के पार्ट नंबर 43 के बूथ लेवल ऑफिसर ने एडमिरल अरुण प्रकाश (रिटायर्ड) से जुड़ा एन्यूमरेशन फॉर्म लिया। इस फॉर्म में पिछली एसआईआर से जुड़ी जरूरी जानकारी नहीं थी। इसमें वोटर का नाम, एपिक नंबर, रिश्तेदार का नाम, असेंबली सीट का नाम और नंबर, पार्ट नंबर और इलेक्टोरल रोल में सीरियल नंबर शामिल थे। इन जरूरी पहचान डिटेल्स के न होने पर बीएलओ एन्यूमरेशन फॉर्म और मौजूदा इलेक्टोरल रोल डेटाबेस के बीच ऑटोमैटिक लिंकेज नहीं बना पाया और सिस्टम ने एन्यूमरेशन फॉर्म को अनमैप्ड कैटेगरी में डाल दिया। बीएलओ एप्लीकेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जब तय पहचान की जानकारी ठीक से भरी जाती है, तो मौजूदा वोटर रोल से वेरिफिकेशन हो जाता है और एन्यूमरेशन फॉर्म अपने आप मैप हो जाते हैं। जिन मामलों में एन्यूमरेशन फॉर्म मैप नहीं होते हैं, वहां आगे वेरिफिकेशन जरूरी होता है। इसलिए, स्टैंडर्ड, सिस्टम-ड्रिवन प्रोसीजर के अनुसार, एक हियरिंग नोटिस अपने आप जेनरेट और जारी किया गया ताकि वोटर की जानकारी का वेरिफिकेशन हो सके और एलिजिबिलिटी कन्फर्मेशन के लिए सही मौका मिल सके।
एडमिरल अरुण प्रकाश ने क्या कहा था?
पूर्व नौसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में बताते हुए लिखा था कि उनका और उनकी पत्नी का नाम गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में पहले से ही दिखाई दे रहा है, फिर भी उन्हें नोटिस दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान एसआईआर फॉर्म आवश्यक जानकारी नहीं जुटा पा रहे हैं, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए। 82 वर्षीय एडमिरल ने बताया कि उन्हें और उनकी 78 वर्षीय पत्नी को 18 किलोमीटर दूर अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए बुलाया गया है, जो इस उम्र में व्यवहार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहे हैं और आयोग के नोटिस का पालन करेंगे।
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