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अहमदाबाद विमान हादसे के बाद परिजन कैसे रिसीव करें शव? क्या-क्या करना होगा? यहां जानें पूरा प्रोसेस

 Reported By: Kumar Sonu, Edited By: Amar Deep
 Published : Jun 14, 2025 09:14 pm IST,  Updated : Jun 14, 2025 09:14 pm IST

अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश होने के बाद से कई लोगों की जान चली गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अभी तक शव तक नहीं मिल सके हैं। हालांकि डीएनए मिलान की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में परिजन कैसे मृतक का शव प्राप्त कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें क्या-क्या करना होगा। आइये जानते हैं।

विमान हादसे के बाद कैसे रिसीव करें शव।- India TV Hindi
विमान हादसे के बाद कैसे रिसीव करें शव। Image Source : PTI/FILE

गांधीनगर: अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति सिविल अस्पताल की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की गई है। सिविल अस्पताल की ओर से इस हादसे में मारे गए लोगों के शवों को सौंपने से जुड़ी अहम जानकारियां दी गई हैं। सिविल अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डीएनए मिलान प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शवों को उनके रिश्तेदारों को सौंपने की प्रक्रिया निम्नलिखित तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।

किन नंबरों पर मिलेगी जानकारी?

सिविल अस्पताल मृतक के रिश्तेदारों से संपर्क करेगा, जिन्होंने अपने डीएनए नमूने उपलब्ध कराए हैं। ऐसे रिश्तों के पंजीकृत फोन नंबरों पर कॉल करके संपर्क किया जाएगा। रिश्तेदारों को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के निर्दिष्ट नंबरों से किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा किए गए फोन कॉल का ही जवाब देना चाहिए। फोन कॉल से उन्हें डीएनए के मिलान और शव लेने के लिए कब आना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। अस्पताल की ओर से जिन फोन नंबरों से रिश्तेदारों से संपर्क किया जाएगा वो इस प्रकार हैं- 9429915911, 9429916096, 9429916118, 9429916378, 9429916608, 9429916622, 9429916682, 9429916758, 9429916771, 9429916875

कौन कर सकता है शव पर दावा?

डीएनए नमूना प्रदान करने वाले निकटतम रिश्तेदार को व्यक्तिगत रूप से आना होगा। यदि यह संभव नहीं है, तो इसके बजाय कोई अन्य करीबी पारिवारिक सदस्य आ सकता है। शव को लेने वाले व्यक्ति को अपनी और मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज लाने होंगे-

  • व्यक्ति का आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी स्वीकृत फोटो पहचान पत्र (मूल)
  • मृतक का आधार, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र (मूल या एक प्रति)
  • मृतक से उनके संबंध को साबित करने वाला एक दस्तावेज
  • डीएनए नमूना जमा करने के दौरान पंजीकृत फोन नंबर
  • यदि कोई करीबी रिश्तेदार व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ है और इसके बजाय किसी और को शव लेने के लिए अधिकृत करता है, तो उन्हें अपने दस्तावेजों के साथ एक उचित प्राधिकरण पत्र प्रदान करना होगा।

अस्पताल की ओर से कौन से दस्तावेज दिए जाएंगे?

अस्पताल मृतक के परिजनों के लिए एक फाइल तैयार करेगा, जिसमें पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज शामिल होंगे। यदि मृतक के संबंध या पहचान को साबित करने वाले दस्तावेजों की कमी है, तो अस्पताल से फोन आने के बाद परिजनों को मार्गदर्शन के लिए अपने स्थानीय मामलतदार, कलेक्टर या प्रांतीय अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।

परिजनों को उपरोक्त दस्तावेज साथ लेकर सिविल अस्पताल के डी-2 ब्लॉक में स्थापित नियंत्रण कक्ष में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा। यदि अस्पताल पहुंचने में कोई कठिनाई हो, तो कृपया उस फोन नंबर पर संपर्क करें, जिससे आपको पूर्ण मार्गदर्शन और सहायता के लिए कॉल प्राप्त हुई थी।

शव के लिए परिवहन की व्यवस्था

  • स्थानीय परिवहन (सड़क मार्ग से)- जो लोग अपने मृतक रिश्तेदारों को सड़क मार्ग से घर वापस ले जाना चाहते हैं, उनके लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है। 
  • हवाई परिवहन के लिए- यदि रिश्तेदार शव को हवाई मार्ग से किसी दूसरे राज्य या देश में ले जाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले से ही एयर इंडिया से समन्वय करना चाहिए। एयर इंडिया इस प्रक्रिया में सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। 

डीएनए सैंपल का मिलान जारी

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा, "जैसे ही विमान दुर्घटना की सूचना मिली, लगभग 250 डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक टीम 'गोल्डन ऑवर्स' के दौरान सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंची।" स्वास्थ्य विभाग के सर्वोच्च अधिकारियों और राज्य सरकार के निरंतर मार्गदर्शन और समन्वय के कारण, सभी घायल व्यक्तियों का तुरंत इलाज किया गया। इसके अलावा, डीएनए सैंपल मिलान जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं को कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के सहयोग और समर्थन से डीएनए सैंपल का शीघ्र मिलान संभव हो सका। परिणामस्वरूप, 9 नए डीएनए नमूनों का सफलतापूर्वक मिलान किया गया और एक पीड़ित का शव पहले ही उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। इस कठिन समय में, राज्य सरकार मृतकों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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