1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. चीफ इंजीनियर गिड़गिड़ाकर मांगते रहे माफी, कोर्ट बोला- क्यों नहीं आपको जेल भेज दिया जाये?

Jharkhand News: हाईकोर्ट ने झारखंड के चीफ इंजीनियर को कहा- आप पद पर रहने लायक नहीं, क्यों नहीं आपको जेल भेज दिया जाये?

याचिका जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके उमेश प्रसाद सिंह ने दायर की थी। वह 2016 में रिटायर हुए थे, लेकिन उन्हें न तो रिटायरमेंट के उपरांत मिलने वाली राशि का भुगतान हुआ और न ही उनकी पेंशन शुरू की गई।

Khushbu Rawal Written by: Khushbu Rawal @khushburawal2
Updated on: June 20, 2022 21:10 IST
Jharkhand High Court- India TV Hindi News
Image Source : FILE PHOTO Jharkhand High Court

Highlights

  • रिटायर कर्मी के सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन का भुगतान कई सालों तक रहा पेंडिंग
  • कोर्ट ने 16 जून तक रिटायरमेंट की राशि का भुगतान 6% ब्याज के साथ करने का दिया था आदेश
  • हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर की कड़ी टिप्पणी

Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर बीरेंद्र राम को उनके पद के लिए अयोग्य बताते हुए कहा कि क्यों नहीं आपको जेल भेज दिया जाये? कोर्ट ने विभाग के एक रिटायर कर्मी के सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन का भुगतान कई सालों तक पेंडिंग रखे जाने की शिकायत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मौखिक टिप्पणी की। याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ इंजीनियर बीरेंद्र राम कोर्ट में उपस्थित रहे।

2016 में रिटायर हुए थे उमेश प्रसाद सिंह

याचिका जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके उमेश प्रसाद सिंह ने दायर की थी। वह 2016 में रिटायर हुए थे, लेकिन उन्हें न तो रिटायरमेंट के उपरांत मिलने वाली राशि का भुगतान हुआ और न ही उनकी पेंशन शुरू की गई। बीते 13 जून को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते उन्हें 16 जून तक रिटायरमेंट की राशि का भुगतान 6 प्रतिशत ब्याज के साथ करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सोमवार को इसी मामले में आगे हुई सुनवाई के दौरान विभाग ने 50 हजार रुपये के जुर्माने को खत्म करने का आग्रह कोर्ट से किया गया, लेकिन कोर्ट ने जुर्माना बरकरार रखते हुए चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि आप अपने पद पर रहने लायक नहीं हैं। क्यों नहीं आपको जेल भेज दिया जाए। इतने दिनों तक प्रार्थी को सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे इस मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

गिड़गिड़ाकर माफी मांगते रहे चीफ इंजीनियर
चीफ इंजीनियर ने कोर्ट से माफी मांगते हुए कहा कि प्रार्थी को सेवानिवृत्ति के 15 लाख रुपये उसके खाते में भेज दिए गए हैं और जल्द ही उनकी पेंशन भी शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान सरकार की ओर से कोर्ट द्वारा पूर्व में लगए गए 50 हजार रुपये की जुर्माने की राशि माफ करने का आग्रह किया गया लेकिन कोर्ट ने इस आग्रह को खारिज करते हुए 50 हजार रुपये की जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया।

Latest India News