15 जून यानी आज के दिन को फादर्स डे के तौर पर मनाया जा रहा है। बच्चों के सही पालन पोषण में मां के साथ-साथ पिता भी एक अहम रोल निभाते हैं। अक्सर मां के बारे में तो बहुत बात की जाती है लेकिन पिता के बारे में उतनी बात नहीं होती। भले ही पिता मां की तरह अपने प्यार को दर्शाना न जानते हों लेकिन फिर भी बच्चों के जीवन में पिता की बेहद जरूरी भूमिका होती है।
बच्चे पिता को जीवन के कई पड़ावों पर हिम्मत न हारते हुए और परिस्थितियों का डटकर सामना करते हुए देखते हैं। पिता बच्चों की पर्सनालिटी पर इतना गहरा प्रभाव डालते हैं कि बच्चे उनकी तरह ही बनना चाहते हैं। जैसे पिता अपने परिवार और मुसीबत के बीच में दीवार बनकर खड़े हो जाते हैं, बच्चे भी उन्हें देखकर परिस्थितियों से या फिर जीवन में आने वाली अलग-अलग तरह की चुनौतियों से लड़ना सीख जाते हैं।
बच्चे जब बड़े होकर दुनिया की सच्चाई से रूबरू होते हैं, तब उन्हें ढेर सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। धोखेबाज, चालाक और झूठ बोलने वाले लोगों से भरी इस दुनिया में अक्सर बच्चों को असुरक्षित महसूस होता है और ऐसी परिस्थिति में उन्हें जिस शख्स के होने से सुरक्षित महसूस होता है, वो उनके पिता हैं। पिता के होने का मतलब है कि बच्चे के पास प्यार, भरोसे और सुरक्षा का घर मौजूद है।
जीवन भर पिता खून-पसीने की कमाई से अपने बच्चे को खुशी देने की कोशिश करते हैं। इसी जद्दोजहद में पिता के पास अच्छा खासा अनुभव इकट्ठा हो जाता है। जब बच्चा कमाना शुरू करता है, तो वो अपने पिता के अनुभव से बहुत कुछ सीख सकता है और उन गलतियों को करने से बच सकता है जो किसी जमाने में उसके पिता ने की थीं। अपने पिता के अनुभवों से सीखकर बच्चा तेज रफ्तार से सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ना शुरू कर सकता है।
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