1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. शिवपुराण के अनुसार जानिए कि काल भैरव का जन्म कब और कैसे हुआ?

शिवपुराण के अनुसार जानिए कि काल भैरव का जन्म कब और कैसे हुआ?

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Dec 02, 2015 05:30 pm IST,  Updated : Dec 02, 2015 11:48 pm IST

नई दिल्ली: कालभैरव को साक्षात भगवान शिव का दूसरा रूप माना जाता है। साथ ही इनके दूसरे रूप को विग्रह रूप के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष यानी कि अगहन

काल भैरव अष्टमी: शिव का...- India TV Hindi
काल भैरव अष्टमी: शिव का दूसरा रूप काल भैरव का जन्म कब और कैसे हुआ?

नई दिल्ली: कालभैरव को साक्षात भगवान शिव का दूसरा रूप माना जाता है। साथ ही इनके दूसरे रूप को विग्रह रूप के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष यानी कि अगहन मास की अष्टमी को हुआ था। हिंदू धर्म में इस दिन को तंत्र का दिन भी माना जाता है। इस बार काल भैरव अष्टमी 3 दिसंबर, गुरुवार के दिन है।

ये भी पढ़े- गुरुवार को करें ये उपाय, मिलेगा हर समस्या से छुटकारा

माना जाता है कि काल भैरव की पूजा करने से घर पर काली शक्तियों का वास नही होता है। जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रत का भय नही रहता है। जानिए शिव पुराण के अनुसार कैसे और कब हुआ काल भैरव का जन्म।

कालभैरव के जन्म को लेकर एक बड़ी ही रोचक कथा है। यह कथा शिव पुराण में विस्तार से बताई गई है। इसके अनुसार एक बार देवताओं ने ब्रह्मा और विष्णु जी से बारी-बारी से पूछा कि जगत में सबसे श्रेष्ठ कौन है? तो उन दोनों ने स्वाभाविक रूप से खुद को ही श्रेष्ठ बताया।

ब्रह्मा ने खुद को श्रेष्ठ बताया जिस पर विष्णु क्रोधित हो गए और बोले कि तुम मेरी नाभि से उत्पन्न हुए हो और अपने आपको सबसे श्रेष्ठ बता रहें। जिसी कारण दोनों देवताओं के बीच भयानक बहस हो गई और यह बहस इतनी बढ़ गई कि युद्ध तक बात पहुंच गई। जिसके कारण दोनों के बीच अस्त्र-शस्त्र से युद्ध होने लगा। जिसके कारण पूरे संसार में प्रलय की स्थिति पैदा हो गई। चारों और हाहकार मचने लगा।

ये भी पढ़े- शास्त्र के अनुसार ये काम करने से घर में आती है खुशहाली

अगली स्लाइड में पढें और जानकारी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल