पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) की शुरुआत ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों की जान बचाने के प्रयासों में अहम बदलाव किया है। एक उदाहरण के तौर पर, जब एक तेज रफ्तार बाइक सवार अचानक संतुलन खोकर गिरा और बेहोश हो गया, तो कुछ ही मिनटों में सड़क सुरक्षा फोर्स के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, एक एम्बुलेंस आई और घायल को तुरंत अस्पताल भेज दिया गया। इसी तरह की कई घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे इस फोर्स ने वास्तविक जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाला है। अब पंजाब में ऐसी घटनाओं को जल्दी और प्रभावी तरीके से संभालने की क्षमता बढ़ गई है, जिससे सड़क सुरक्षा को एक नया आयाम मिला है।
DSP रैंक के 6 अधिकारी हुए हैं नियुक्त
सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन एक समग्र दृष्टिकोण और सीएम मान की दूरदर्शिता पर आधारित है, जिसमें न केवल आपातकालीन सहायता, बल्कि सड़क पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई अन्य उपाय भी शामिल हैं। इस फोर्स में डीएसपी रैंक के 6 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जो अपनी उच्च प्रशिक्षित टीम के साथ सड़कों पर लगातार सक्रिय रहते हैं। इसके अलावा, 1,625 एनजीओ और ईपीओ का सहयोग भी लिया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी समाधान के लिए एक नेटवर्क तैयार हो गया है। सड़क सुरक्षा फोर्स के पास 144 अत्याधुनिक वाहनों का बेड़ा है, जो हर एक सड़क दुर्घटना की घटना पर मुस्तैदी से प्रतिक्रिया देता है। यह एक मजबूत, व्यवस्थित और आधुनिक प्रणाली है, जो पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर रही है।
त्वरित चिकित्सा पर है खास फोकस
सड़क सुरक्षा फोर्स के कामकाजी ढांचे में त्वरित एवं प्राथमिक चिकित्सा का महत्व अत्यधिक है। पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है। अब तक, सड़क सुरक्षा फोर्स ने 8,075 से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा देकर उन्हें सकुशल घर भेजा है, जबकि 7,280 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि इस फोर्स ने लोगों के जीवन को बचाने के मामले में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में समय की अहमियत को समझते हुए, त्वरित प्रतिक्रिया दी जाती है, जिससे उनकी जिंदगी को खतरे से बचाया जा सकता है।
सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में आई कमी
पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, जो इस फोर्स के प्रभावी कामकाज का परिणाम है। वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर में 45.5 प्रतिशत की कमी आई है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा फोर्स की गतिविधियों ने राज्य में सड़क हादसों के परिणामों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इस फोर्स की कार्यप्रणाली केवल घायलों की जान बचाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह उन संदिग्ध अपराधियों को भी पकड़ने में मदद करती है, जो अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होते हैं। इस प्रकार, सड़क सुरक्षा फोर्स का काम न केवल दुर्घटनाओं को कम करना है, बल्कि राज्य में अपराधों को भी रोकना है।
लोगों के लिए वरदान साबित हुई है SSF
पंजाब के निवासियों के लिए SSF एक वरदान साबित हुई है। यह फोर्स सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बन गई है, जो समय पर सहायता और प्रभावी चिकित्सा देखभाल की सुविधाएं प्रदान कर रही है। इसके कार्यों ने न केवल सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में जानमाल के नुकसान को कम किया है, बल्कि लोगों को सुरक्षा और विश्वास का अहसास भी दिलाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में इस फोर्स ने पंजाब में सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा दी है, जिससे राज्य की सड़कें अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो चुकी हैं।
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