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iPhone 15 Pro और Pro Max में मिल रहा देसी जीपीएस नाविक का सपोर्ट, एप्पल ने बढ़ाया दायरा

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Sep 13, 2023 03:54 pm IST,  Updated : Sep 13, 2023 03:55 pm IST

कंपनी ने लोकेशन-बेस्ड सर्विस के लिए भारतीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम नाविक को अपनाया है। नाविक ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) का भारतीय ऑप्शन है।

iPhone 15 Pro- India TV Hindi
आईफोन 15 प्रो Image Source : INDIA TV/APPLE

एप्पल ने जो आईफोन 15 सीरीज को 13 सितंबर को दुनिया के सामने पेश किया है, उसमें भारतीय जीपीएस नाविक (NavIC) का भी सपोर्ट मिलता है। एप्प्ल ने यह आईफोन 15 प्रो (iPhone 15 Pro) और आईफोन 15 प्रो मैक्स (iPhone 15 Pro Max) मॉडल में यह सुविधा उपलब्ध कराई है। आईएएनएस की खबर के मुताबिक, कंपनी ने लोकेशन-बेस्ड सर्विस के लिए भारतीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम नाविक को अपनाया है। नाविक ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) का भारतीय ऑप्शन है।

ऐसा पहली बार है जब...

लोकेशन कैटेगरी के तहत टेक्निकल फीचर्स में सटीक ड्यूल फ्रीक्वेंसी जीपीएस (जीपीएस, ग्लोनास, गैलीलियो, क्यूजेडएसएस, बेईडौ और एनएवीआईसी) शामिल हैं. यह पहली बार है जब आईफोन मैनुफैक्चरर ने अपने आईफोन मॉडलों के लिए नाविक (NavIC) का सपोर्ट बढ़ाया है। अब तक, अमेरिकी सरकार के स्वामित्व वाला जीपीएस, भारत और दुनिया में सबसे लोकप्रिय सैटेलाइट बेस्ड नेविगेशन सिस्टम्स में से एक रहा है। भारत अब जीपीएस और दूसरे सिस्टम्स पर निर्भरता घटाने के लिए अपने खुद के नेविगेशन सिस्टम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

इन कंपनियों के सेट पर पहले से है सपोर्ट

भारतीय जीपीएस नाविक मौजूदा समय में शाओमी,वनप्लस और रियलमी जैसे कुछ स्मार्टफोन मैनुफैक्चरर अपने कुछ फोन पर नाविक का सपोर्ट करते हैं. भारत का टारगेट इंटरनेशनल लेवल पर नाविक कवरेज का विस्तार करना है और वह चाहता है कि टेक्नोलॉजी कंपनियां इससे पहले अपने डिवाइस को नए स्टैंडर्ड के मुताबिक बना लें. बता दें, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक रिजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम सेट अप किया, जिसे नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (नाविक) कहा जाता है. नाविक (NavIC)को पहले इंडियन रिजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) के नाम से जाना जाता था.

भारत ने मई में,अपनी सेकंड जेनरेशन के नेविगेशन सैटेलाइट एनवीएस-01 को सफलतापूर्वक ऑर्बिट में स्थापित किया। इसरो के मुताबिक, नाविक कवरेज क्षेत्र में भारत और भारतीय सीमा से 1,500 किलोमीटर दूर तक का क्षेत्र शामिल है. नाविक(NavIC) एसपीएस सिग्नल दूसरे वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) सिग्नल जैसे जीपीएस, ग्लोनास, गैलीलियो और बेईडौ के साथ इंटरऑपरेबल हैं.

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