Anxiety Attack Symptoms: एंग्जाइटी एक तरह का मेंटल डिसऑर्डर है, जिसमें इंसान को घबराहट और सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है। कुछ भी करने का मन नहीं होता और ऐसा लगता है जैसे सांस नहीं आ रही है। जान लें एंग्जाइटी के लक्षण क्या हैं और ये क्यों होती है?
क्या आप जानते हैं कि मॉनसून के दौरान एंग्जाइटी की समस्या बढ़ सकती है? आइए मॉनसून एंग्जाइटी से छुटकारा पाने के कुछ तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।
अगर आप भी जरूरत से ज्यादा सोचते हैं और अपनी इस आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको अपने डेली रूटीन में कुछ टिप्स को फॉलो करना शुरू कर देना चाहिए।
शरीर में कुछ विटामिन की कमी एंग्जायटी और पैनिक अटैक का कार बन सकती है। इसकी वजह से आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती है जिनमें ज्यादातर मानसिक रोग हैं। ऐसे में जानते हैं इस विटामिन के बारे में जो कि कई सारी चीजों का कारण बन सकता है।
anxiety treatment: ऑफिस में काम के प्रेशर और बदलती लाइफस्टाइल के कारण लोग एंग्जायटी के शिकार हो रहे हैं। आइए जानते हैं एंग्जायटी को शांत करने के तरीके।
कुछ बीमारियों से रिकवर करने के बाद भी लोगों को बेचैनी या फिर घबराहट की समस्या हो रही है। ऐसे में हम आपको कुछ टिप्स बताएंगे जिन्हें अपनाकर आपको आराम मिल सकता है।
भागती-दौड़ती लाइफ में ऐसे कोई इंसान नहीं होगा कि उसे अपने भविष्य या फिर बात का डर या फिर अनुभव न हो। लेकिन जब ये चीजें आपके कंट्रोल से बाहर होने लगे तो समझ लें कि आप एंग्जाइटी के शिकार हो चुके हैं।
जापानी शियात्सु एक बहुत ही पुरानी पद्धति है जिसमें आपके शरीर के कुछ प्वाइंट्स को दबाकर आप कई खतरनाक बीमारियों से निजात पा सकते है
छिछोरे की अभिनेत्री श्रद्धा कपूरने हाल में ही एक इंटरव्यू में बताया कि वह फिल्म 'आशिकी 2' के बाद एंग्जाइटी से ग्रसित है। जानें इस बीमारी के बारे में सबकुछ।
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर बीते छह सालों से हैं एंजाइटी की शिकार। इंटरव्यू में बताया इस बीमारी के बारे में।
न कई बार स्ट्रेस इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि हम घबराने लगते है कि आखिर इसको कैसे कम करें। ऐसे में आपकी मदद एक जापानी चाय कर सकती है। जी हां शोधकर्ताओं के अनुसार जापानी चाय 'माचा' आपको तनावमुक्त रखने में मदद करेगी।
सरकार ने 55 जरूरी दवा का अधिकतम मूल्य तय किया है, जिससे एचआईवी संक्रमण, मधुमेह सहित अनेक रोगों के इलाज में काम आने वाली दवाओं की कीमत 44 प्रतिशत तक घटी।
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