भारत में कार खरीदने और बेचने के तरीके को प्रभावित करने वाले फ्यूल एफिशिएंसी नियमों में सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब छोटी कारों को मिलने वाली खास छूट खत्म कर दी गई है। इस फैसले के बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।
भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए के तहत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली लग्जरी गाड़ियों पर वसूला जाने वाला सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार साल 2026 में अब तक के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी दिग्गज देसी कंपनियां एक साथ 30 से ज्यादा नई गाड़ियों को सड़कों पर उतारने की तैयारी में हैं।
सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती लागू होने के बाद गाड़ियों की बिक्री की तस्वीर बदल गई।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने दिसंबर 2025 में 50,519 गाड़ियों की बिक्री की, जो दिसंबर 2024 में हुई 44,289 गाड़ियों की तुलना में 14.1 प्रतिशत ज्यादा है।
भारत में ऑटो सेक्टर इन दिनों नए उत्सर्जन नियमों (Emission Rules) को लेकर घमासान के दौर से गुजर रहा है। देश की कई दिग्गज कार कंपनियों ने सरकार के प्रस्तावित वजन-आधारित इमीशन छूट पर खुलकर आपत्ति जता रही हैं।
SIAM ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग 2025-2026 की दूसरी छमाही में मज़बूत त्योहारी मांग, स्थिर मैक्रो-आर्थिक स्थितियों और GST 2.0 सुधारों के समर्थन से सकारात्मक रुझान के साथ प्रवेश कर रहा है। हालांकि, उद्योग वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखेगा। यह क्षेत्र इस वर्ष को वृद्धि की दिशा में समाप्त करने की उ
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट का कहना है कि ब्याज दर में कटौती से ऑटो क्षेत्र पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए उधार लेने की लागत कम होने की उम्मीद है।
भारत का ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज काफी मजबूत है। निवेशकों के लिए ऑटो सेक्टर में अच्छी संभावनाएं देखने को मिल सकती हैं। मार्केट कैप के लिहाज से कई ऐसी कंपनियां हैं जो बहुत अच्छी स्थिति में हैं।
पैसेंजर व्हीकल्स ने अप्रैल 2025 में 3.49 लाख यूनिट्स की अपनी अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की, जो अप्रैल 2024 की तुलना में 3. 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
चैत्र नवरात्रि, अक्षय तृतीया, बंगाली नव वर्ष, बैसाखी और विशु के आसपास ग्राहकों द्वारा खरीदारी से खुदरा बिक्री को सपोर्ट मिला।
अप्रैल 2025 में किसी ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री में तेजी तो किसी की बिक्री में नरमी का रुझान देखने को मिला। कई कंपनियों ने कारें अच्छी खासी संख्या में निर्यात भी किया है।
सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि वर्ष 2024 वाहन उद्योग के लिए काफी अच्छा साल रहा। उन्होंने कहा कि भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो’ के साथ नए साल की शुरुआत सकारात्मक धारणा के साथ होने जा रही है जो 2025 में भी वृद्धि को रफ्तार देने का काम करेगी।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की दिसंबर 2024 में बिक्री सालाना आधार पर 55 प्रतिशत बढ़कर 7,516 इकाई हो गयी।
मांग में वृद्धि तथा बाजार में उपलब्ध अभूतपूर्व छूट से यात्री वाहनों की बिक्री में सुस्ती के बाद तेजी लौटी है। इस वर्ष 42 दिन की अवधि में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत बढ़कर 33,11,325 इकाई हो गया।
Auto Sales : मोटरसाइकिल की थोक बिक्री पिछले महीने 11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 13,90,696 यूनिट हो गई। जबकि अक्टूबर 2023 में यह 12,52,835 यूनिट थी। अक्टूबर में मोपेड की बिक्री घटकर 52,380 यूनिट रह गई।
पिछले महीने कुल तिपहिया वाहनों की बिक्री 8 प्रतिशत बढ़कर 69,962 यूनिट हो गई, जबकि एक साल पहले यह 64,944 यूनिट थी। पिछले महीने दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 9 प्रतिशत बढ़कर 17,11,662 यूनिट हो गई।
बजाज ऑटो का कुल निर्यात पांच प्रतिशत बढ़कर 1,43,977 यूनिट हो गया, जो अगस्त 2023 में 1,36,548 यूनिट था। महिंद्रा एंड महिंद्रा का कुल निर्यात अगस्त में 26 प्रतिशत बढ़कर 3,060 इकाई हो गया, जो एक वर्ष पहले इसी महीने में यह 2,423 यूनिट था।
Jobs in Auto Industry : ऑटो सेक्टर को इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण के लिए साल 2030 तक करीब 2 लाख कुशल लोगों की जरूरत होगी।
ऑल्टो और एस-प्रेसो सहित छोटी कारों की बिक्री घटकर 9,395 इकाई रह गई जबकि जून 2023 में 14,054 इकाइयों की बिक्री हुई थी।
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