अमेरिका के संघीय आंकड़ों के अनुसार, भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2025 तक 5000 से ज्यादा स्वीकृत H-1B वीजा के साथ इस प्रोग्राम की दूसरी सबसे बड़ी लाभार्थी है।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान उनके सलाहकार रहे और इमिग्रेशन पॉलिसी पर एशियाई-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय भुटोरिया ने H-1B वीजा फीस बढ़ाने संबंधी ट्रंप की नई योजना से अमेरिकी आईटी सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पर संकट मंडराने की चेतावनी दी।
प्रस्तावित वेज-बेस्ड सिस्टम के तहत जॉब के आवेदनों में सैलरी के आधार पर ऐप्लिकेंट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
USCIS ने चाइल्ड स्टेटस प्रोटेक्शन एक्ट के तहत आयु गणना से जुड़ी अपनी पॉलिसी को अपडेट किया है। इसके अलावा, विदेश विभाग ने H-1B वीजा और अन्य नॉन-इमिग्रेंट वीजा नियमों में भी बड़े बदलाव किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें H-1B वीजा पर दोनों पक्षों की बहस पसंद है, लेकिन वह देश में 'बहुत सक्षम लोग' लाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि H-1B वीजा को लेकर ट्रंप की नीतियों का भारत जैसे देशों पर काफी असर होगा।
अमेरिका के उद्योगपति एलन मस्क ने एच-1बी वीजा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम को बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो वह युद्ध तक कर सकते हैं।
एक साल में 65,000 एच -1बी वीजा जारी किये जाते हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा भारतीयों को मिलता है। ट्रंप सरकार में H-1B वीजा के कड़े नियमों की वापसी हो सकती है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का आंकड़ा जारी किया है। इन आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में करीब 13, 35, 878 भारतीय छात्र विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं।
अमेरिका में एच1-बी वीजा पॉलिसी घोटाले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। इसमें भारतीय मूल के कंडी श्रीनिवास रेड्डी का नाम सामने आया है। कंडी ने अमेरिका में अपनी फर्म बना रखी थी, जिसके जरिये वह वीजा की लॉटरी पॉलिसी में हेरफेर को अंजाम दे रहा था।
अमेरिका की सरकार ने एच 1बी वीजा के रीन्युल की प्रक्रिया को और आसान बनाया है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस प्रोग्राम को शुरू किया गया है। इससे 10 लाख से अधिक भारतीयों को फायदा होगा।
शाहरुख खान की एक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म का नाम है Dunki। यह फिल्म Donkey Route के ऊपर बनी हुई है। लेकिन क्या आपको पता है कि डंकी रूट क्या है और क्यों इसपर अधिकांश लोगों की मौत हो जाती है।
अमेरिकी सरकार के एक फैसले से वहां काम कर रहे भारतीयों को काफी फायदा होने जा रहा है। यह फायदा खासकर अमेरिका में रह रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को काफी होगा। इसके लिए अमेरिकी सरकार एक खास पायलेट प्रोग्राम शुरू करने जा रही है।
हर साल भारत समेत विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में लोग काम के लिए अमेरिका जाते हैं। इन्हें H1B वीजा दिया जाता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल विवेक रामास्वामी ने इस सुविधा को खत्म करने की वकालत की है।
H-1B Visa: पीएम मोदी का अमेरिका दौरा उन हजारों भारतीयों के लिए एक बार फिर खुशी का कारण बन गया है जो अभी तक H-1B Visa को लेकर इंतजार में बैठे थे।
अमेरिका में एक न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है कि H-1B वीजा धारकों के पति या पत्नी देश में काम कर सकते हैं। इस फैसले से अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में विदेशी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने कहा कि एक अक्टूबर 2023 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए वह एक मार्च से 17 मार्च के बीच एच-1बी वीजा के लिए आवेदन स्वीकार करेगी।
एच-1बी वीजा गैर-आव्रजन वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को रोजगार देने की इजाजत देता है।
अमेरिका के श्रम विभाग ने विभिन्न आव्रजन और गैर-आव्रजकों के रोजगार का वेतन का स्तर तय करने को 60 दिन के अंदर जनता से सुझाव देने को कहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को विदेशी श्रमिकों के वीजा, खासतौर से एच-1बी वीजा, पर प्रतिबंधों की अवधि को समाप्त होने दिया। इसके साथ ही उनके पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना खत्म हो गई।
अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटे बाद जो बाइडन कांग्रेस को एक समग्र आव्रजन विधेयक भेजेंगे जिसमें कई अन्य चीजों के अलावा रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए प्रति देश तय की गई सीमा को खत्म करने का भी प्रावधान है।
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