अधिक शुद्ध ब्याज आय और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते एचडीएफसी बैंक ने मार्च तिमाही के परिणामों में बाजार अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है।
RBI द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद अब एचडीएफसी बैंक ने एफडी पर ब्याज घटा दी है। बैंक ने अलग-अलग अवधि की एफडी पर ब्याज दरों में बदलाव किया है।
फाइलिंग में यह खुलासा नहीं किया गया कि फंड हाउस ने किस कीमत पर शेयर खरीदे। बीएसई पर इंडसइंड बैंक के शेयर 1. 84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 672. 10 रुपये पर बंद हुए।
फरवरी 2025 में लाल निशान में रहने वाले बाकी म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को 0.15 प्रतिशत से लेकर 14.93 प्रतिशत तक का नेगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं दूसरी ओर, फायदे में रहने वाले फंड्स ने फरवरी में अपने निवेशकों को 0.59 प्रतिशत से लेकर 27.41 प्रतिशत तक का पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
मिड कैप शेयरों में जारी विनाशकारी गिरावट को देखते हुए 6 म्यूचुअल फंड ने 9 अलग-अलग मिड कैप स्टॉक्स से पैसा निकाल लिया है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जनवरी में टाटा केमिकल्स के 37.17 शेयरों को बेचकर पैसा निकाल लिया। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने पर्सिस्टेंट सिस्टम के करीब 1.52 लाख शेयर बेच दिए हैं।
सेंसेक्स टॉप-10: समीक्षाधीन सप्ताह में एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 32,639.98 करोड़ रुपये बढ़कर 13,25,090.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारती एयरटेल ने सप्ताह के दौरान 31,003.44 करोड़ रुपये जोड़े और इसकी बाजार हैसियत 9,56,205.34 करोड़ रुपये हो गई।
HDFC Bank UPI transactions downtime : एचडीएफसी बैंक की यूपीआई समेत कुछ सर्विसेज 8 फरवरी को कुछ घंटों के लिए प्रभावित रहेंगी।
एचडीएफसी बैंक ने नए साल में अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बैंक ने लोन सस्ता करने का ऐलान किया है। इसका फायदा लाखों ग्राहकों को होगा।
शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, आईटीसी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।
जानकारों का कहना है कि एफपीआई तभी वापस आएंगे जब उन्हें भारतीय कंपनियों में आय में वृद्धि दिखाई देगी, जो अगले साल की दूसरी छमाही में होगी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में आय वृद्धि बढ़कर 17 प्रतिशत हो जाएगी, जबकि वित्त वर्ष 25 के लिए इसका अनुमान 4 प्रतिशत है।
एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि सेबी के इस वॉर्निंग लेटर और चिंताओं का उनके फाइनेंशियल, ऑपरेशन और किसी अन्य एक्टिविटीज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्राइवेट सेक्टर के इस सबसे बड़े बैंक ने बीएसई और एनएसई, दोनों एक्सचेंजों को सेबी के इस वॉर्निंग लेटर की जानकारी दी है।
लिस्ट में शामिल होने के लिए बैंकों को उस बकेट के मुताबिक, पूंजी संरक्षण बफर के अलावा उच्च कॉमन इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) बनाए रखने की जरूरत होती है जिसके तहत इसे वर्गीकृत किया गया है।
नई दरें 7 नवंबर, 2024 से प्रभावी हो गई हैं। यह दर वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा लगातार दसवीं बार अपनी नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने के निर्णय के बाद की गई है।
एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वे नवंबर में दो दिन तक बैंक की यूपीआई सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। बैंक की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ जरूरी सिस्टम मेनटेनेंस की वजह से नवंबर में दो दिन एचडीएफसी बैंक की यूपीआई सर्विस बंद रहेंगी।
एचडीएफसी डिफेंस फंड का मौजूदा एनएवी 21.33 रुपये और इसका मौजूदा फंड साइज 3996.82 करोड़ रुपये है। बताते चलें कि ये फंड डिफेंस सेक्टर की अलग-अलग कंपनियों में निवेश करती है।
सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से नौ का बाजार पूंजीकरण 2.09 लाख करोड़ रुपये घटा। रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार हैसियत 41,994.54 करोड़ रुपये घटकर 17,96,726.60 करोड़ रुपये रह गई।
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज की स्थापना में 2007 में की गई। यह कंपनी सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन प्रदान करती है। पूरे भारत में इसकी 1,680 से अधिक ब्रांच हैं।
बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) सितंबर, 2024 के अंत तक सकल ऋण के 1.36 प्रतिशत तक बढ़ गईं, जो एक साल पहले 1.34 प्रतिशत थी। इसी तरह, शुद्ध एनपीए या खराब ऋण बढ़कर 0.41 प्रतिशत हो गया।
HDFC बैंक की गोमतीनगर के विभूतिखंड ब्रांच में महिला अधिकारी सदफ लंच करने के लिए कुर्सी पर बैठी ही थी कि अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। उसके बाद जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने तुरंत ही मृत घोषित कर दिया।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि इसमें मिलने वाला रिटर्न लगातार ऊपर-नीचे होता रहता है। ऐसे में म्यूचुअल फंड में इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि आपको अगले साल भी पिछले साल जैसा ही रिटर्न मिलेगा।
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