दिल्ली सरकार के मंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना चाहिए।
दिल्ली में 2019–2023 की स्टडी से खुलासा हुआ कि पुरुषों के फेफड़ों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा प्रदूषण जमा हो रहा है। पैदल चलते समय खतरा सबसे अधिक है। स्टडी में PM2.5 और PM10 स्तर भारतीय और WHO मानकों से कई गुना ज्यादा पाए गए।
दिल्ली में PUC के बिना पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। वहीं, VI से पुराने वाहनों के दिल्ली में घुसने पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों के लिए भी प्रदूषण सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया गया है।
Pollution Effect On Baby In Pregnancy: गर्भावस्था में आप क्या करते हैं कैसे रहते हैं इसका असर आपके होने वाले बच्चे पर भी पड़ता है इसलिए अपने आस पास के वातावरण को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से जानते हैं कि क्या प्रदूषण का असर गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर भी होता है।
How To Avoid Toxic Air: प्रदूषण में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में स्वामी रामदेव के ये उपाय अपनाकर दूषित हवा के असर को कम कर सकते हैं।
Things That Can Prevent From Pollution: प्रदूषण से बचने के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है। अपने बैग में इन चीजों को जरूर साथ रखें। प्रदूषण से बचने में मदद करेंगी।
Difficulty in breathing: बढ़ते हुए प्रदूषण की वजह से लगातार लोगों की सांसों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अगर आप भी प्रदूषण के प्रकोप से बचना चाहते हैं, तो प्राणायाम की मदद ले सकते हैं।
सर्दियों में घना कोहरा काफी खतरनाक हो जाता है जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। वहीं कोहरा यानी फॉग के साथ ही स्मॉग भी खतरनाक है। दोनों में क्या अंतर है, जानिए...
Pollution Effects On Kids Brain And Health: दिल्ली एनसीआर में सांस लेना और आंख खोलना भी मुश्किल हो रहा है। प्रदूषण से सिर्फ आंखों में जलन और फेफडों को ही नुकसान नहीं हो रहा बल्कि बच्चों के दिमाग पर असरा बुरा असर पड़ रहा है। डॉक्टर ने बताया कितनी घातर है ये स्थिति।
Air Pollution in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के चलते लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को सांस लेने में दिक्क्त हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रैप-4 लागू होने के बाद ऑफिस में वर्क फ्रॉम की सुविधा और भवनों के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा सरकार ने स्कूलों में भी कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने का आदेश दिया है।
राजधानी दिल्ली में लगातार खराब हो रही एयर क्वालिटी के बीच GRAP-IV लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में इसे लागू कर दिया गया है। बता दें कि दिल्ली के कई इलाकों में AQI '450+' तक पहुंच गया है।
CREA की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पीएम2.5 का औसत स्तर 224 µg/m³ दर्ज हुआ। दिल्ली इस लिस्ट में चौथे स्थान पर रही। पराली का प्रभाव कम रहने के बावजूद अधिकांश NCR शहरों में प्रदूषण बढ़ा।
राजधानी दिल्ली के 36 निगरानी केंद्रों पर भी वायु गुणवत्ता (AQI) "बेहद खराब" दर्ज की गई। इन केंद्रों में से वायु गुणवत्ता का सबसे खराब स्तर मुंडका में दर्ज किया गया, जहां एक्यूआई 387 रहा।
वायु प्रदूषण के चलते लोगों के आखों में जलन हो रही है। सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। शाम के समय ये प्रदूषण दिल्ली के कई इलाकों में और ज्यादा हो जाता है। ऐसे में पद्म पुरस्कार विजेता डॉक्टरों ने बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर एडवाइडरी जारी की है।
'दिल्ली में घूमना मतलब एक दिन में 50 सिगरेट पीने जैसा है', लोकसभा में सांसद सुप्रिया सुले ने ये बड़ा बयान दिया है।
दिल्ली में आज फिर से वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है। आज एक्यूआई फिर से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है और कई इलाकों में 400 से ज्यादा है। राजधानी में आज जहरीली धुंध छाई हुई है।
Qatar Interesting Facts: सोशल मीडिया पर इन दिनों AQI और प्रदूषण को लेकर विस्तृत चर्चा चल रही है। इसी कड़ी में आज हम आपको बताएंगे कि कतर में इस समय कितना AQI है ?
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की धुंध छाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में चिंता जताई है। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही है। इस बीच, दिल्ली में वायु प्रदूषण की असली वजह सामने आ गई है।
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