राफेल विमानों के भारत में अंबाला एयरबेस पर लैंड करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अंबाला में 'द बर्ड हैव लैंडिड सेफ्ली'। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का टच डाउन हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है।
भारतीय वायुसेना के लिए 'गेम चेंजर' माने जाने वाले राफेल के पहले पांच फाइटर जेट ने अब से कुछ देर पहले देश के सबसे पुराने एयरबेस अंबाला पर लैंडिंग की है।
फ्रांस से निकलकर 5 राफेल विमान मंगलवार को संयुक्त अरब अमिरात (UAE) के आबूधावी के अल दफ्रा एयरबेस पर रुके थे। यहां रात रुकने के बाद बुधवार को पांचों राफेल लड़ाकू विमानों ने भारत के लिए उड़ान भरी और करीब डेढ़ बजे भारतीय वायु क्षेत्र में दाखिल हुए।
फ्रांस से भारत आ रहे राफेल जेट ने जब भारत सीमा में प्रवेश किया तो उनका युद्धपोत INS कोलकाता ने स्वागत किया। राफेल ने अरब सागर में तैनात युद्धपोत INS कोलकाता से संपर्क साधा।
समुद्र में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धक जहाज INS कोलकाता-इंडियन नेवल वॉरशिप डेल्टा 63 से राफेल के दल का संपर्क हुआ है।
भारतीय वायुसेना का ब्रह्मास्त्र कहे जाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप भारतीय वायु क्षेत्र में दाखिल हो गए हैं। इनकी तस्वीरें भी सामने आ गई हैं।
भारतीय वायु सेना (IAF) के बेड़े में शामिल होने के लिए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला आएगा। अंबाला एयरबेस के करीब 4 गांवों में धारा 144 सीआरपीसी लगाई गई।
भारतीय वायुसेना का अपने ब्रह्मास्त्र राफेल लड़ाकू विमानों का इंतजार कुछ ही घंटों में खत्म होने वाला है।
फ्रांस से भारत आ रहे दुनिया के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल जेट आज अंबाला एयरबेस पहुंच रहे हैं। भारत आने के दौरान राफेल विमान को हवा में ही एक बार फिर रिफ्यूल किया जाएगा।
राफेल दुश्मन खेमों में हाहाकार मचा चुका है। इसकी यही घातक और विध्वंसक मारक क्षमता अब भारतीय वायु सेना को मिलने जा रही है।
लोकसभा चुनावों के राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों की तर्ज पर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर राफेल की कीमतों के बारे में सरकार से पूछा है।
करीब एक दशक के इंतजार के बाद राफेल विमान बुधवार 29 जुलाई को भारत की धरती पर उतरने वाले हैं।
ईरान ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्रांस के अल दाफरा हवाई ठिकाने के पास कई मिसाइलें दागीं। इस ईरानी मिसाइल परीक्षण के बाद पूरे फ्रांसीसी बेस को हाई अलर्ट कर दिया गया।
राफेल की लैंडिंग से पहले अंबाला एयरबेस सटे गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है।
भारतीय वायुसेना का ब्रह्मास्त्र कहे जाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप आज अंबाला एयरबेस पहुंच गई है
हिलाल की पढ़ाई जम्मू जिले के नगरोटा कस्बे में सैनिक स्कूल में हुई। वह वायुसेना में 17 दिसंबर, 1988 को एक लड़ाकू पायलट के रूप में शामिल हुए।
देश के सबसे पुराने एयरबेस अंबाला में भारतीय वायुसेना के लिए 'गेम चेंजर' माना जानेवाला राफेल विमान बुधवार को लैंड करनेवाला है।
इंडिया टीवी की खास रिपोर्ट में देखिये अगर राफेल का सामना पाकिस्तान के सबसे घातक फाइटर जेट F-16 से हुआ तो देखिए क्या होगा | Special report
'राफेल से कैसे भारतीय वायुसेना को मिलेगी मजबूती'? वायुसेना के पूर्व Vice Chief अनिल खोसला ने बताया.
बचपन में पहलवान बनकर कुश्ती के दांव पेच सीख कर प्रतिद्वंदी को परास्त करने का जज्बा रखने वाले अभिषेक त्रिपाठी ने आकाश के सिकंदर राफेल को उडाने की महारत हासिल की है।
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