पाकिस्तान में कोरोना वायरस प्रकोप के कारण मस्जिदों और मदरसों को लोगों से मिलने वाले आर्थिक योगदान में भारी कमी आई है। धन की कमी के कारण मस्जिदों और मदरसों का प्रबंधन मुश्किल हो रहा है।
पाकिस्तान में रमजान के महीने में सामूहिक नमाज की अनुमति जिन शर्तो के साथ दी गई है, उनमें से कुछ की पहली रमजान को ही धज्जियां उड़ गईं।
शीर कोरमा बनाना बेहद आसान है, इसे आप आसानी से घर पर बना सकते हैं।
आज से रमज़ान के पाक महीने की शुरुआत हुई है, आज से लोगों ने रोजा रखना शुरू कर दिया है।
सोनू सूद ने इससे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स के रहने के लिए अपना होटल दिया है। ताकि इस महामारी से लड़ने में मदद मिल सके।
पाकिस्तान में लगातार फैल रहे कोरोना वायरस के बीच रमजान के महीने में मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने की कुछ शर्तो के साथ इजाजत पर चिकित्सा जगत ने गंभीर चिंता जताई है और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि देश के मुस्लिमों को रमजान के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का पालन वैसे ही करना होगा जैसे कि ईसाइयों को ईस्टर पर करना पड़ा था।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मुसलमानों से अपील की है कि कोरोना के कहर को ध्यान में रखते हुए संभवत: 24 अप्रैल से शुरू हो रहे रमजान के पवित्र महीने के दौरान लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों और सोशल डिस्टेंन्सिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करें।
कोरोनावायरस इस वक्त पूरी दुनिया मे अपना पैर पसार चुका है और सभी देश इस बीमारी से लड़ने में जुटे हुए हैं। भारत भी इस बीमारी की चपेट में है और इस वक्त पूरे देश मे लॉकडाउन है और लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं।
मरने वाले आतंकवादियों में अंसार गजवत उल हिंद का जाकिर मूसा भी शामिल है जिसे सुरक्षा बलों ने दक्षिणी कश्मीर के त्राल में 24 घंटे की झड़प के बाद खत्म किया है।
इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग समुदाय सूरज निकलने से लेकर सूरज डूबने तक रोज़ा (व्रत) रखते हैं, अल्लाह की शिद्दत से इबादत करते हैं और नमाज़ पढ़ते हैं।
Ramadan 2019:ऐसे में आप भी इस पाक महीने खुदा की इबादत करते हुए दोस्तों को रमजान की मुबारकबाद देने के लिए चुने ये खूबसूरत कोट्स और मैसेज।
Ramadan 2019: रमजान उल मुबारक का चांद आज नहीं दिखा। जिसके कारण रमजान का पहला रोजा 7 मई, मंगलवार को रखा जाएगा। जबकि तरावीह की नमाज 6 मई से पढ़ी जाएगी।
लोकसभा चुनाव 2019 के लंबे कार्यक्रम के साथ ही रमजान के महीनें में मतदान कराए जाने को लेकर कुछ धार्मिक गुरु और राजनेता नाराज़गी जता चुके हैं।
मई माह में शनि अमावस्या, अक्षय तृतीया और रमजान जैसै पवित्र त्योहार मनाए जाएंगे। मई महीने में कौन-कौन से प्रमुख व्रत और त्योहार होंगे।
Ramadan 2019: मुस्लिम धर्म का पाक महीना रमजान मुस्लिम लोगों के लिए बेहद खास होता है। माना जाता है कि इन माह में जनन्त के दरवाज खुल जाते है। इस माह में की गई इबादतों का सबाब अन्य माह से दोगुना मिलता है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि रमजान पूरे महीने तक चलता है और ऐसे में पूरे महीने चुनाव टालना संभव नहीं है लेकिन शुक्रवार और मुख्य त्यौहारों की तारीखों को ध्यान में रखते हुए उस दिन वोटिंग की प्रक्रिया को नहीं रखा गया है
तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता शहर के मेयर फिरहाद हाकिम ने लोकसभा चुनावों के लंबे कार्यक्रम पर सवाल उठाया है और कहा है कि पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में रोजा रखने वाले मुस्लिमों को इससे कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
इफ्तार से लेकर सेहरी तक ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि रोजे के दौरान नींद पूरी न लेने से आप बीमार भी हो सकते हैं। रोजे के समय डॉक्टर खान पान की चीजों पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। इस दौरान गैरजरूरी चीजों को खाने से बचना चाहिए।
रमजान के पवित्र महीने में डायबिटीज से ग्रसित अनेक मुसलमान रोजा रखते हैं और ऐसी स्थिति में डायबिटीज संबंधी सावधानी बरतना और भी जरूरी हो जाता है।
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