राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को बड़ा बयान जारी किया है। भागवत ने साफ कर दिया है कि RSS काशी और मथुरा को लेकर आंदोलन को समर्थन नहीं देगा।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के लोगों को कम से कम 3 संतान पैदा करने की सलाह दी है। मोहन भागवत ने इस बारे में भी बात की है कि हिन्दू-मुस्लिम संघर्ष कैसे खत्म होगा।
भाजपा और संघ के संबंधों पर RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। मोहन भागवत ने साफ तौर पर कह दिया है कि भाजपा और संघ के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद कभी नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि संघ के प्रति अनुकूलता है, समाज की मान्यता है, विरोध बहुत कम हो गया है। जो विरोध है उसकी धार कम हो गई है।
मोहन भागवत ने कहा कि संघ को लेकर कोई भी चर्चा परसेप्शन पर नहीं, बल्कि फैक्ट्स पर आधारित होनी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति अपनी वफादारी दोहराते हुए शिवकुमार ने कहा, कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति मेरी वफादारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। विधानसभा में RSS का गीत गाने से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने विधानसभा के अंदर आरएसएस की प्रार्थना गाई है। इस दौरान विपक्षी नेता यानी बीजेपी के विधायक मेजें थपथपाईं। कांग्रेस के विधायक सन्नाटे में रहे।
स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने लाल किले से RSS की तारीफ की, जिसे विपक्ष ने तीखे हमलों के साथ लपक लिया। कांग्रेस, AIMIM, RJD और सपा ने मोदी पर संघ की विचारधारा को संविधान विरोधी बताकर निशाना साधा, जबकि BJP और RSS ने राष्ट्रसेवा और ऐतिहासिक योगदान को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया को मार्ग भी दिखाना होगा। भागवत ने कहा कि भारत विश्व में शांति और प्रसन्नता लाता है और दूसरों के साथ अपने धर्म को साझा करता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मेडिकल और एजुकेशन के व्यापारीकरण और कैंसर के महंगे इलाज को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि आम लोगों के लिए ये चीजें सहज, सुलभ और सस्ती होनी चाहिए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज नागपुर में जागृतेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान के दर्शन किए और एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अच्छी चीजों को हमें बांटना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर में भगवान शिव के एक मंदिर में दर्शन के दौरान संबोधन दिया। उन्होंने इस दौरान इस मुद्दे पर बात की कि दुनिया की सभी समस्याओं के मूल कारण क्या हैं?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है कि धर्म कार्य केवल भगवान के लिए नहीं होता बल्कि धर्म का कार्य समाज के लिए होता है।
RSS के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली में तीन दिनों के कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में मोहन भागवत भी शामिल होंगे।
मोहन भागवत ने साफ किया कि पक्का हिंदू होने का मतलब किसी को गाली देना या किसी का विरोध करना नहीं है। हमारे यहां चौखट होती है। चौखट के उस पार सारी चीजें गलत और इस पार सही। हमें इसका ध्यान रखना चाहिए।
मोहन भागवत ने कहा कि भारत को अब ‘‘सोने की चिड़िया’’ बनने की जरूरत नहीं है बल्कि अब ‘‘शेर’’ बनने का समय आ गया है। उन्होंने कहा,‘‘ यह ज़रूरी है क्योंकि दुनिया ताकत को समझती है। इसलिए भारत को ताकतवर बनना होगा।
इस मौके पर मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के पूर्व कुलाधिपति और भारत रत्न मौलाना आज़ाद के पोते फिरोज बख्त अहमद ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुछ गलतफहमियों को दूर करने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस के कथित तौर पर अपमानजनक कार्टून को लेकर टिप्पणी की है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से देश का सौहार्द खराब होता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आज पुणे में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि जानवरों के विपरीत मनुष्यों में बुद्धि होती है। लेकिन अगर बुद्धि का सही से इस्तेमाल नहीं किया जाए तो वही उसे बदतर बनाती है।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसकी प्रस्तावना में ये शब्द कभी नहीं थे। इमरजेंसी के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद काम नहीं कर रही थी, न्यायपालिका पंगु हो गई थी।
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