प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान का 2 दिवसीय कार्यक्रम संपन्न करने के बाद अब चीन के तियानजिन शहर के लिए रवाना हो गए हैं। वहां वह एससीओ शिखर में हिस्सा लेंगे।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जापान और चीन की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। पीएम 29 अगस्त से 1 सितंबर तक इन दोनों देशों की यात्रा पर रहेंगे। पीएम मोदी ने खुद जानकारी दी है कि उनकी इस यात्रा में क्या खास होगा।
जल्द ही दुनिया के दो शक्तिशाली मुल्कों के प्रमुख एक दूसरे से मुलाकात करनेे वाले हैं। यह मुलकात चीन में होनेवाली SCO मीटिंग से अलग हटकर होगी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान और चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा की तारीखों के बारे में जानकारी दे दी है। आइए जानते हैं पीएम मोदी की यात्रा का पूरा शेड्यूल।
इस वर्ष की SCO बैठक को वैश्विक राजनीतिक ध्रुवीकरण और अमेरिका की टैरिफ नीतियों की पृष्ठभूमि में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन ने इस मंच के माध्यम से अमेरिका के खिलाफ एक वैकल्पिक वैश्विक नेतृत्व मॉडल प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में अजीत डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जल्द ही चीन का दौरा करेंगे।
अमेरिका से टैरिफ विवाद के बीच पीएम मोदी की संभावित बीजिंग यात्रा की खबर से चीन गदगद हो गया है। चीन ने पीएम मोदी की इस संभावित यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम करार दिया है।
PM नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर जा सकते हैं। वह चीन में होने वाले SCO समिट में हिस्सा ले सकते हैं। गलवान झड़प के बाद पीएम मोदी की ये पहली चीन यात्रा होगी। भारत-अमेरिका ट्रेड वार के बीच ये यात्रा अहम साबित हो सकती है।
एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान चीन ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी कदम उठाता है तो बीजिंग उसका समर्थन करेगा। यह बात चीन के विदेश मंत्री ने बीजिंग में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के साथ बैठक के दौरान कही।
चीन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने ही पाकिस्तान को बहुत कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि भारत ने पहलगाम के बदले ऑपरेशन सिंदूर करके बिलकुल ठीक किया।
चीन में अगले महीने होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन के प्रमुख कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भी हिस्सा लेने की संभावना है। यह मुख्य प्रोग्राम 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होगा।
चीन में हो रही एससीओ की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार शामिल हुए। भारत की तरफ से इस बैठक में एस जयशंकर शामिल हुए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया है।
जयशंकर की चीन यात्रा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह दोनों देशों के बीच संचार के रास्ते खोलने और कूटनीतिक प्रयासों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक कदम हो सकती है।
एसीओ की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त बयान पर साइन नहीं किया था। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने अपना पक्ष साफ कर दिया। इस मामले पर अब विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान आया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष से मुलाकात में स्पष्ट सीमा रेखा, सैनिकों की वापसी और भरोसा बहाली की मांग की। उन्होंने सीमा विवाद के स्थायी समाधान और सांस्कृतिक सहयोग को भी अहम बताया।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून के बीच बैठक हुई है। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई है। राजनाथ सिंह एससीओ समिट में भाग लेने के लिए चीन में हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि SCO समिट में आतंकवाद पर भारत के स्टैंड से एक देश को असहमति थी। हमने अपने स्टेटमेंट में आतंकवाद पर अपना पक्ष रखा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को स्पष्ट कर दिया है। रक्षा मंत्री ने SCO बैठक में संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन की धरती से पूरी दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया है। एससीओ में रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया और कहा कि आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं और हम उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे
पाकिस्तान ने कहा कि जयशंकर की इस्लामाबाद यात्रा से दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघली है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्रिकेट संबंध सुधारने पर चर्चा की।
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