SCO समिट में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद खे खिलाफ कड़ा रुख दिखते हुए सख्त संदेश दिया है। जयशंकर ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि SCO की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद, अतिवाद की समाप्ति के लिए हुआ था।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरियाई नेता शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में बृहस्पतिवार को हुई बैठक को यूरोप और अमेरिका ने गंभीरता से लिया है। यूरोप ने इस नए गठजोड़ को पश्चिम के लिए खतरा माना है।
चीन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कार में सफर चर्चा का विषय बन गया था। पुतिन ने अब इसे लेकर खुद ही बड़ा खुलासा किया है कि कार में उनके और पीएम मोदी के बीच क्या बात हुई थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की वैश्विक मंच पर एक बार फिर से बेइज्जती हो गई है। शहबाज शरीफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने फिर से ईयरफोन लगाने में जुझते हुए दिखे।
चीन में हुए एससीओ समिट के बाद की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें पाकिस्तान की तिकड़ी, यानी पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, डिप्टी पीएम इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर नजर आ रहे हैं। जानें क्या है पूरा माजरा?
वांग यी ने कहा कि एससीओ इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की शुरुआत करेगा और यूरो-एशियाई क्षेत्र में एक और बहुपक्षीय मंच होगा। ये न सिर्फ सदस्य देशों के लिए, बल्कि हमारे क्षेत्र के लिए भी खुशी की बात है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के बीच गहरा प्यार है। दोनों अपने पारिवारिक जिम्मदारियां मिलकर निभाते हैं। खास बात ये है कि शी जिनपिंग अपनी पत्नी को रोज फोन करते हैं। जानते हैं क्यों?
चीन में SCO समिट के दौरान शी जिनपिंग, पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच पुतिन और पीएम मोदी की दोस्ती के भी खूब चर्चे हैं।
चीन के त्येनजिन में आयोजित एससीओ की बैठक के बाद जारी घोषणापत्र में सदस्य देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। इसके अलावा सदस्य देशों ने आतंकवाद से लड़ने में दोहरे मापदंडों को अस्वीकार्य कहा।
पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ही कार में यात्रा की। इसकी तस्वीर खुद पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर की है। बता दें कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक से पहले कार में एक साथ यात्रा की।
PM Modi SCO Summit LIVE: चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और रूस हमेशा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में PM मोदी और पुतिन शहबाज शरीफ के सामने से निकल गए और वह बस देखते रह गए हैं। इस घटना का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के त्येनजिन शहर में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने सोमवार को SCO सम्मेलन के सत्र को संबोधित किया है और कई अहम मुद्दों पर बात की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने अमेरिकी टैरिफ के बीच हुई आर्थिक उथल-पुथल के मद्देनजर अपनी व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और सीमा पर शांति, सौहार्द्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और चीन को अपने संबंधों को दीर्घकालिक नजरिये से देखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात में भारत-चीन का साथ होने बहुध्रुवीय व्यवस्था के लिए जरूरी है।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का चीन में लिपुलेख का एजेंडा नहीं चल पाया। ओली ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने इसका मुद्दा उठाया, लेकिन जिनपिंग ने उन्हें कोई भाव नहीं दिया।
अमेरिका से टैरिफ वार छिड़ने के बाद भारत और चीन ने अपने संबंधों को नया विस्तार देना शुरू कर दिया है। इससे एशिया में अमेरिकी का रणनीति और कूटनीति को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी और बढ़ने वाली है। भारत, चीन और रूस आज एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं। एससीओ समिट के दौरान मोदी, पुतिन और जिंनपिंग, तीनों नेताओं की मुलाकात ट्रंप की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद शनिवार को चीन पहुंचे। वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं, लेकिन उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से खास महत्व रखती है। इस बैठक में दोनों नेता भारत-चीन रिश्तों को सुधारने और वैश्विक स्थिरता लाने पर चर्चा करेंगे।
मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय बाद हो रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ वांग की व्यापक वार्ता के बाद भारत और चीन ने दोनों पक्षों के बीच “स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी” संबंधों के लिए कई उपायों की घोषणा की।
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