मास्टर कैपिटल की निदेशक पलका अरोड़ा चोपड़ा ने कहा, हालांकि, जब पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनियों के उम्मीद से कमजोर नतीजे आए तो बाजार ऊंचे मूल्य स्तर को बरकरार नहीं रख सका, जिससे बाजार में सुधार हुआ।
मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स ने मार खाने के बाद 2 साल के अंदर ही निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। भारतीय शेयर बाजार में अभी एक हेल्दी करेक्शन हुआ है और इसका असर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है।
AMFI के डेटा के मुताबिक, पिछले एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट में 5वें स्थान पर आईटीआई स्मॉल कैप फंड है। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, इस फंड के डायरेक्ट प्लान ने पिछले 1 साल में निवेशकों को 16.13 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
इस साल 23 दिसंबर तक बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 12,144.15 अंकों (28.45 प्रतिशत) की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। जबकि मिडकैप इंडेक्स में भी 9,435.09 अंकों (25.61 प्रतिशत) का उछाल दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक उच्च रिटर्न देने की क्षमता के कारण स्मॉल-कैप और मिड-कैप म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रखेंगे।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपको इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि इससे मिलने वाला रिटर्न कैपिटल गेन्स के तहत आता है और इसके लिए आपको 12.5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक का कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की मुख्य वजह घरेलू स्तर पर नकदी में उछाल है।
वित्त वर्ष 2023-24 में स्मॉल-कैप फंड में 40,188 करोड़ रुपये का प्रवाह देखा गया, जो पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 22,103 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है।
स्मॉलकैप फंडों में सितंबर 2021 के बाद पहली बार ₹94.2 करोड़ की निकासी हुई है।, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार, मार्च में मिडकैप फंडों में महीने दर महीने 43% की गिरावट देखी गई और यह ₹1,017.69 करोड़ हो गया।
उन्होंने कहा, "हम एक नए वित्तीय वर्ष में जा रहे हैं, हमें फार्मा, कैपिटल गुड्स और इंफ्रा जैसे सेक्टर से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, 20 मार्च तक भारी बिकवाली दबाव के साथ, साल का अंत मंदी से हुआ।
निवेशकों के लिहाज से यह साल जबरदस्त रहा। सेंसेक्स, निफ्टी, मिड-कैप और स्मॉल-कैप, सोना और क्रूड में निवेश करने वाले निवेशकों को बंपर रिटर्न मिला।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अगले हफ्ते में कम ट्रे़डिंग डे होने होने और डेरिवेटिव की मासिक समाप्ति के कारण, कुछ अस्थिरता देखने को मिल सकती है, जबकि निफ्टी के उच्च स्तर पर मजबूत होने की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अगला सप्ताह आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि जापान, अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दर संबंधी फैसलों की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ समय तक बाजार में उतार-चढ़ावा जारी रहने की उम्मीद है।
SmallCap और Midcap शेयरों में इस हफ्ते बड़ी गिरावट देखने को मिली है और इस कारण से निवेशकों को करीब 70 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
शेयर मार्केट में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बीएसई सेंसेक्स में 906.07 अंक की गिरावट आई है जबकि निफ्टी भी 338.00 अंक टूट गया।
आंकड़ों के मुताबिक, मिड कैप म्यूचुअल फंड ने 2023 में लगभग 23,000 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि स्मॉल कैप योजनाओं के लिए यह आंकड़ा 41,000 करोड़ रुपये से अधिक था। बढ़ते निवेश पर बाजार नियामक सेबी ने पिछले दिनों चिंता जताई थी।
Mutual Fund: सेबी और एम्फी की ओर से स्मॉलकैप और मिडकैप फंड मैनेजर्स को रिस्क से जुड़े अतिरिक्त जानकारी निवेशकों को उपलब्ध कराने को कहा है।
Mutual Fund: स्मॉल कैप और मिड कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश में गिरावट देखने को मिली है। वहीं, थीम आधारित म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ा है।
Kotak Mahindra Mutual Funds की ओर से स्मॉलकैप में तेजी के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। इसका असर फंड्स में निवेश करने वाले लोगों पर होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हमारा मानना है कि निवेशकों के लिए सभी मार्केट-कैप सूचकांकों में अधिक चयनात्मक और बॉटम-अप होने का समय आ गया है, क्योंकि आसान और बंपर रिटर्न का दौर वित्तवर्ष 2025-26 में दोहराया नहीं जा सकता है।
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