रेलवे ने तत्काल टिकट को लेकर एक अहम बदलाव कर दिया है, जो हर यात्री को सीधे प्रभावित करेगा। अब स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से तत्काल टिकट कटाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। नए नियम के तहत यात्री को टिकट मिलने से पहले मोबाइल पर आने वाला OTP अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में हर साल तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसकी वजह से तत्काल कोटे में भी कन्फर्म सीट मिलना काफी मुश्किल हो गया है।
रेलवे के इस नए नियम के बाद अब अगर कोई यात्री कंप्यूटराइज्ड पीआरएस काउंटर या अधिकृत एजेंट के जरिये तत्काल टिकट बुक करता है, तो भी आधार ओटीपी वेरिफिकेशन जरूरी होगा।
1 जुलाई से कई प्रमुख वित्तीय परिवर्तन होने जा रहे हैं, जिनमें नए पैन कार्ड बनवाने के रूल में बदलाव, 31 जुलाई तक आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाना शामिल है।
भारतीय रेल अपने रेवेन्यू पर फोकस करते हुए किराये में बढ़ोतरी भी करने जा रही है। ये सभी बदलाव जुलाई से लागू हो जाएंगे। आइए जानते हैं।
तत्काल टिकट की मारामारी के बीच सिस्टम में अहम बदलाव होने जा रहे हैं। रेलवे को उम्मीद है कि इन बदलावों से तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में धांधली खत्म हो जाएगी।
1 जुलाई से रेलवे तत्काल टिकट के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी करने जा रहा है। इसका लाभ आम यात्रियों को मिलने की उम्मीद है।
बीते कुछ समय से IRCTC को बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों की शिकायत है कि वे मोबाइल ऐप या वेबसाइट से तत्काल टिकट बुक नहीं कर पाते।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि रेलवे ने तत्काल टिकट बुक करने का टाइम बदल दिया है और यह 15 अप्रैल से लागू हो जाएगा। आइये जानते हैं वायरल हो रही इस पोस्ट के दावे का का पूरा सच क्या है?
रिलायंस जियो टेलिकॉम सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है। जियो अपने ग्राहकों को कई तरह की अलग अलग सर्विस ऑफर करती है। जियो की तरफ से कुछ सालों पहले एक रेल ऐप लॉन्च किया गया था। आपको बता दें कि जियो का यह रेल ऐप ग्राहकों को ट्रेन की कंफर्म टिकट बुक करने में मदद करता है।
जब भी अचानक यात्रा करनी होती है तो ट्रेन में तत्काल टिकट कराना पड़ता है लेकिन तत्काल में कंफर्म टिकट मिलना बड़ा ही मुश्किल होता है। आज हम आपको एक ऐसा शानदार तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आप हर बार तत्काल में कंफर्म सीट बुक कर पाएंगे।
दीपावली और छठ पर ट्रेन में कन्फर्म टिकट मिलना बेहद ही मुश्किल होता है। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक बता रहे हैं, जिससे आपको कन्फर्म टिकट मिलने के चांस बढ़ जाएंगे।
ट्रेन में रिजर्वेशन करा कर तो जरूर सफर किया होगा। कभी न कभी तत्काल टिकट भी बुक किया होगा। कई बार आपके साथ ऐसा हुआ होगा कि लैपटॉप और मोबाइल से तत्काल का वेटिंग टिकट मिलता है लेकिन अगर रेलवे काउंट से टिकट बुक कराते हैं तो तत्काल में भी कंफर्म टिकट मिल जाता है। आइए बताते हैं इसके पीछे का कारण
इंडियन रेलवे ट्रेन में सीट फुल होने के बाद भी रेलवे कम से कम 200 से लेकर 300 यात्रियों को वेटिंग टिकट (Waiting Ticket) देता है। वेटिंग टिकट इसलिए दिया जाता है ताकि अगर कंफर्म टिकट वाला यात्री टिकट कैंसिल करे तो ट्रेन की सीट खाली न जाए और वेटिंग वाले पैसेंजर को जगह मिल जाए।
तत्काल ट्रेन की खास बात ये है कि जिन ट्रेन के नंबर 0 से शुरू हो रहे है। उन्ही ट्रेन की बुकिंग तत्काल टिकट के लिए यात्री कर सकते है।
भारतीय रेलवे ने रविवार को बताया कि 30 जून से शुरू होने वाली यात्रा के लिए सभी विशेष ट्रेनों में 29 जून से तत्काल बुकिंग शुरू हो जाएगी।
तत्काल कोटा को लेकर यात्रियों को अब बहुत इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सेंट्रल रेलवे की 30 जून से चलने वाली सभी स्पेशल ट्रेनों (जिनके नंबर 0 से शुरू होंगे) उनमें कल यानी 29 जून से तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा होगी।
ट्रेनों में तत्काल टिकट के खेल पर ब्रेक लगाने के लिए अब रेल मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही एजेंट और वेंडर सिस्टम खत्म होगा।
तत्काल टिकट बुकिंग से भारतीय रेलवे को कितनी कमाई होती है यह जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून से पता चला है कि तत्काल टिकट बुक कराने वाले यात्रियों से रेलवे ने पिछले चार साल में 25,392 करोड़ रुपये की कमाई की है।
रेलवे टिकटिंग प्रणाली में सेंध लगाने के लिए इन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके जरिए बुकिंग प्रक्रिया की गति बढ़ जाती है और...
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